भास्कर न्यूज | राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेंड्री में वॉल्वो बस में डॉक्टरों, इंटर्न और मेडिकल स्टूडेंट्स को टिशू हैंडलिंग, टांके लगाने और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में 100 से ज्यादा डॉक्टरों, इंटर्न और मेडिकल स्टूडेंट्स से हिस्सा लिया। इस प्रशिक्षण से उन्हें मरीजों का इलाज करने में आसानी होगी और यहां इलाज कराने पहुंचे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। वॉल्वो बस में मरीजों के इलाज और सर्जरी से संबधित एडवांस मशीनरी और उपकरण होते है। डॉक्टरों को इसके उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीएम लूका ने किया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहर देशकर, डिप्टी अधीक्षक डॉ. पवन जेठानी का सहयोग रहा। डॉ. सुनीता मेश्राम विभागाध्यक्ष सर्जरी, डॉ. सुभाष रावटे विभागाध्यक्ष अस्थि विभाग, डॉ. आराधना टोप्पो विभागाध्यक्ष रेडियो की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मीना आरमों विभागाध्यक्ष प्रसूति एवं स्त्री विभाग और उनकी टीम ने किया। जिसमें डॉ. प्रतिभा पटेल, डॉ. रेवती, डॉ. पायल, डॉ. रुकसाना, विभाग के इंटर्न एवं अन्य विभागों से डॉक्टर्स, इंटर्न स्टूडेंट्स ने प्रशिक्षण लिया। शल्य चिकित्सा में रुझान बढ़ाना मुख्य उद्देश्य है प्रशिक्षण का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीएम लूका ने किया। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण जूनियर डॉक्टरों की शल्य कौशल को उन्नत करने में मदद करते है। उन्हें इमरजेंसी के हालातों और घायल मरीजों का इलाज करने में सशक्त और मजबूत बनाते है। डॉक्टरों को इस प्रशिक्षण से नई और एडवांस फीवर वाले मेडिकल मशीनरी और उपकरणों का उपयोग करना सिखाया गया। इंटर्न और मेडिकल स्टूडेंट्स में शल्य चिकित्सा के प्रति रुझान को बढ़ाने और शल्य चिकित्सा में नई तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई।


