राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय अनुसूचित अतिथि शिक्षक संघ ने शुक्रवार को बांसवाड़ा जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव को प्रदेश सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपकर हरियाणा की तर्ज़ पर राजस्थान में भी अतिथि सहायक आचार्यों को स्थायी नियुक्ति देने की मांग उठाई है। संघ का यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित किया गया है। संघ ने बताया कि राजस्थान के 374 महाविद्यालयों में करीब 2500 से अधिक अतिथि शिक्षक विगत कई वर्षों से विद्या संबल योजना 2018 के तहत सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद अब तक उन्हें स्थायी रोज़गार उपलब्ध नहीं कराया गया है। संघ पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में हरियाणा सरकार ने “हरियाणा विस्तार प्राथमिक शिक्षक एवं अन्य सेवा (संशोधन) विधेयक 2024” पारित कर अतिथि शिक्षकों को स्थायी करने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा पंजाब और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में भी अतिथि शिक्षकों को स्थायी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। अतिथि शिक्षकों ने याद दिलाया कि राजस्थान में भी पूर्व में RVRS के तहत कार्यरत कई संविदा कर्मचारियों को नियमित किया गया है, इसलिए विद्या संबल योजना के शिक्षकों को भी समान अवसर मिलना चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि सहायक आचार्यों को उनकी योग्यता एवं अनुभव के आधार पर स्थायी नियुक्ति प्रदान की जाए। संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगी।


