बाजार से गांव जाने 6 ग्रामीण पार कर रहे थे नदी नाव पलटी, 2 की मौत, 2 को बचाया, 2 की तलाश

भैरमगढ़ ब्लॉक के उसपरी झिल्ली घाट में बुधवार को नाव पलटने से लापता हुए 4 में से दो के शव नगरसेना के गोताखोरों ने ढूंढ निकाला है, जबकि अब भी दो लापता हैं। जिन दो के शव इंद्रावती नदी से निकाले गए हैं, उनमें मां-बेटे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि नाव से 6 लोग भैरमगढ़ साप्ताहिक बाजार खरीदारी करने गए थे, वहां से लौटते समय नदी का बहाव तेज होने के कारण नाव पलटने से यह हादसा हुआ। मृतक महिला ने कपड़े से अपने बच्चे को कमर पर बांध रखा था और नाव पलटने से वैसे ही दोनों गिर गए। गुरुवार को निकाले गए शव के दौरान दोनों उसी तरह मिले, जिस तरह से वे नदी में गिरकर डूब गए थे। ये दृश्य देखकर लोग भावुक हो गए। इधर बाकी बचे दो की तलाश लगातार जारी है। भैरमगढ़ के उसपरी घाट के 20 किमी के दायरे में कोई पुल नहीं है। इसलिए ग्रामीणों को नाव या डोंगी से नदी पार करना मजबूरी है। बताया जाता है कि बुधवार की देर शाम इंद्रावती नदी में उसपरी झिल्ली घाट में नाव पलट जाने से 6 लोग डूब गए थे, जिनमें से दो को निकाल लिया गया था। बताया जाता है कि नदी में नाव पलटने के दौरान जो 4 लोग डूबे थे, वे सभी एक ही परिवार के थे। इनमें मां-बेटे के साथ मृत महिला के ससुर व एक अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। मृत महिला की पहचान पोदिया वेको और उसके एक वर्षीय मृत बेटे की पहचान राकेश के रूप में हुई है। वहीं मृत महिला के ससुर भादू वेको और रिश्तेदार सुनीता कवासी अब भी लापता हैं। भैरमगढ़ बाजार से खरीददारी कर वे नाव से नदी पार कर वापस जा रहे थे, तभी ये हादसा हुआ। भैरमगढ़ तहसीलदार सूर्यकांत धरत ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब 9.30 बजे मौके से करीब 400 मीटर दूर नदी से मां-बेटे के शव बरामद किए गए। बाकी दो लापता लोगों की तलाश में नगरसेना सहित राजस्व विभाग की टीम जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि नदी पार करने के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा मानकों का पालन करने कहा जा रहा है। गौरतलब है कि भैरमगढ़ के उसपरी घाट से 20 किमी के दायरे में इंद्रावती नदी पर कोई पुल नहीं है। ग्रामीण लगातार यहां पुल की मांग करते रहे हैं, लेकिन इस पर न प्रशासन ने और न ही सरकार ने कोई ध्यान दिया है। इन हालातों में हर साल यहां घटनाएं होती हैं और लोगों को अपनी जान देकर पुल न होने की कीमत चुकानी पड़ती है। पिछले साल भी अगस्त के महीने में नेलगोंडा घाट से नदी पार करने के दौरान 2 बच्चे बह गए थे। पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में नाव या डोंगी से नदी पार करनी पड़ती है। नाव या डोंगी से नदी पार करने के दौरान कई बार हादसे हो जाते हैं। इसके अलावा बारिश के दिनों में ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि बारिश के दिनों में इंद्रावती नदी उफान पर रहती है और इसके कारण नाव या डोंगी से नदी पार करना खतरे से खाली नहीं रहता, लेकिन ग्रामीणों की मजबूरी ही है कि उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ता है। देर शाम नदी से बचाए गए लोगों ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय नदी का बहाव तेज था। इसी बीच अचानक नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। नाविक ने नाव को संभालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन नाव लहरों में फंसकर नियंत्रण से बाहर हो गई और डूब गई। अंधेरे के कारण नहीं चलाया जा सका रेस्क्यू ऑपरेशन : बुधवार की देर शाम हुई घटना के बाद अंधेरा छाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया जा सका।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *