बाड़मेर में विजयादशमी पर्व पर हजारों साल पुरानी परंपरा निभाई गई। रावत त्रिभुवन सिंह की मौजूदगी में राजपूत समाज की ओर से पथ प्ररेणा यात्रा निकाली गई। इससे पहले गढ़ मंदिर स्थित नागणेच्या माता मंदिर में विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की गई। हथियारों पर मोली बांधकर तिलकर लगाया गया। पंडित ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन करवाया। पथ प्रेरणा यात्रा में केसरिया साफा पहने पारंपरिक वेशभूषा में युवा और समाज के लोग शामिल हुए। शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए यात्रा राणी रूपादे संस्थान पहुंची। वहां पर सभा में तब्दील हो गई। इस दौरान बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीना समेत पुलिस अधिकारियों ने मुख्य मार्गों पर नजर बनाए रखी। हर साल निकाली जाती है पथ प्रेरणा यात्रा दरअसल, पौराणिक सभ्यता और संस्कृति को जीवित रखने के लिए हर साल विजयादशमी पर्व पर राजपूत समाज की ओर से पथ प्रेरणा यात्रा निकाली जाती है। गुरुवार को रावत त्रिभुवन सिंह के सानिध्य में सुबह 11 बजे गढ़ स्थित नागणेची माता मंदिर से रवाना हुई। हाथ में भाले और तलवार लिए घोड़ों पर बैठे ध्वजवाहक इस यात्रा की अगवानी कर रहे थे। इसके बाद केसरिया ध्वज हाथ में लिए राजपूत बोर्डिंग के स्टूडेंट्स पहले दल का नेतृत्व कर रहे थे। विधायक रविंद्र सिंह भाटी हुए शामिल इसके बाद सैकड़ों लोग पारंपरिक वेशभूषा में इस ऐतिहासिक यात्रा को आकर्षक हुए चल रहे थे। साथ ही सैकड़ों युवा अनुशासित रूप से इस ऐतिहासिक पथ प्रेरणा यात्रा में केसरिया साफा पहने हाथ में केसरिया ध्वज लेकर शामिल हुए। यात्रा का शहर में 100 से ज्यादा जगहों पर स्वागत द्वार व पुष्प वर्षा की गई। पथ प्रेरणा यात्रा में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा, कांग्रेस नेता आजाद सिंह राठौड़ समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने पथ प्रेरणा यात्रा का फूल बरसाकर स्वागत किया गया। रावत त्रिभुवन सिंह बोले- मॉडर्न हिंदुस्तान के साथ आगे बढ़ना है लेकिन हमारी संस्कृति को साथ लेकर रावत त्रिभुवन सिंह ने बताया- शस्त्र पूजन हमारी पौराणिक मान्यता है। आज हमने उन्हीं पुरानी संस्कृति और त्यौहारों को उसी तरीके से मनाने की कोशिश कर रहे है। हमारे जितने भी त्यौहार है उनको उसी तरीके से मनाया जाए। जैसे की पहले मनाया जाता रहा है। हमारी इसी संस्कृति का पार्ट रहा है शस्त्र पूजन। इसके बाद पथ प्रेरणा यात्रा निकाली गई। हमारे परिवार के जितने भी लोग ट्रेडिशनल वेशभूषा में केसरिया साफा पहनकर इस शहर में से यात्रा निकालेंगे। हमारे केसरिया ध्वज के नेतृत्व में यह यात्रा निकलती है। संस्कृति को बचाने का यह प्रतीक है। आज मॉडर्न हिंदुस्तान में जहां सभी लोग मॉडर्न की तरफ बढ़ रहे है। बाड़मेर की धरा को मॉडर्न भारत के साथ आगे बढ़ाना है साथ ही हमें अपनी जड़ों को जमीन में मजबूत रखना है। हमारी संस्कृति को बचाना है। हमारे त्यौहारों को पुराने वक्त में जैसे मनाते थे वैसे ही आज भी मनाए। केसरिया रंग में रंगा बाड़मेर शस्त्र पूजन के बाद रावत त्रिभुवन सिंह की अगुआई में भव्य पथ प्रेरणा यात्रा निकाली गई। हजारों की संख्या में युवा और बुजुर्ग केसरिया बाना धारण कर इस यात्रा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुई यात्रा गढ़ बाड़मेर से रवाना होकर मुख्य बाजार, गांधी चौक, स्टेशन रोड, अहिंसा सर्किल, विवेकानंद सर्किल, रॉय कॉलोनी, और तन सिंह सर्किल होते हुए सरदारपुरा स्थित श्री राणी रूपादे संस्थान पर समाप्त हुई। इस दौरान कानून व्यवस्था के मध्य नजर बाड़मेर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा सहित पुलिस अधिकारियों ने चप्पे चप्पे पर नजर रखी।


