बाबा साहब आंबेडकर को साक्षी मानकर की शादी:सिविल इंजीनियर संविधान की शपथ लेकर विवाह बंधन में बंधे, एक हजार मेहमान हुए शामिल

खरगोन जिले के पिपराटा मेनगांव में सिविल इंजीनियर ने अनूठे तरीके से शादी की। उन्होंने अपनी दुल्हन के साथ ने संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को माल्यार्पण कर संविधान की उद्देशिका की शपथ ली और विवाह बंधन में बंधे। ये शादी सोमवार शाम को हुई। सहायक शिक्षक राधेश्याम वर्मा के बेटे जितेंद्र ने वेदिका से शादी रचाई। इस समारोह में करीब 1000 मेहमानों ने हिस्सा लिया। सभी उपस्थित लोगों ने बाबा साहब आंबेडकर और गौतम बुद्ध के सिद्धांतों का जीवन में पालन करने का संकल्प लिया। दूल्हे जितेंद्र ने बताया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित संविधान और गौतम बुद्ध के विचारों की वजह से सभी समान भाव से देश में रह रहे हैं। बाबा साहब ने पिछड़े लोगों को अधिकार दिलाए हैं। उनसे प्रेरित होकर समाज में उनके सिद्धांतों को प्रसारित करने के लिए हमने ऐसा विवाह किया है। बता दें, जितेंद्र सिविल इंजीनियर होने के साथ एलएलबी की पढ़ाई भी कर चुके हैं। वे आंबेडकर संस्थान के नाम से गरीब बच्चों की कोचिंग चलाते हैं। वहीं उनके पिता जनवरी 2025 में सरकारी स्कूल से शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं वेदिका ने भूगोल सब्जेक्ट में एमए किया और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए तैयारी कर रही हैं। दोनों की अरेंज मैरिज हुई है। समाजसेवी रामेश्वर बडोले ने बताया कि शादी की पत्रिका में भगवान गौतम बुद्ध, संत रविदास, कबीर दास, महात्मा ज्योतिबा फुले, डॉ. भीमराव आंबेडकर, रमाबाई आंबेडकर सहित समानता का विचार फैलाने वाले समाजसेवी व दार्शनिकों के विचार लिखवाए गए थे। मेनगांव में 13 फरवरी 2021 को बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा बस स्टैंड क्षेत्र में स्थापित की गई थी। समारोह में बाबा साहब के पोते राजरत्न आंबेडकर भी शामिल हुए थे। प्रतिमा स्थापना को लेकर प्रशासन से कुछ विवाद हुआ, लेकिन बाद में सामंजस्य से मामला सुलझ गया।

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