बायपास के विरोध में ग्रामीण:स्टेट हाइवे 10 पर बनने वाले बायपास के लिए प्रशासन भूमि अवाप्ति की कार्यवाही में जुटा, ग्रामीण नहीं चाहते जमीन देना

आनंदपुरी उपखंड के छाजा के किसानों और ग्रामीणों ने स्टेट हाइवे 10 के तहत बनने वाले बाईपास का विरोध किया है। साथ ही उपखंड अधिकारी और भूमि अवाप्ति अधिकारी को लिखित में आपत्ति दर्ज कराई है। किसानों व ग्रामीणों ने ठेकेदार व प्रशासन पर बार बार नोटिस देकर दबाव बनाने का आरोप लगाया। किसानों ने बताया कि 28 जून 2024 को नोटिस जारी करने के बाद आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और स्टेट हाइवे का कोई अधिकारी सुनवाई करने नहीं पहुंचा। तहसील कार्यालय से कार्मिक नोटिस लेकर आए तो किसानों व ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए नोटिस वापस कर दिए। किसानों ने छाजा में निकलने वाले बाईपास का विरोध करते हुए जमीन देने से इनकार कर दिया। किसानों व ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में जो सड़क है, वहीं से स्टेट हाइवे बनाया जाए। इससे किसानों की जमीन बच जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि स्टेट हाइवे निर्माण के दौरान पालोदा, मेतवाला, खोड़न, बोरी, आंजना, अरथूना, कांगलिया चौराहा, आनंदपुरी जैसे बड़े बड़े कस्बे आ रहे हैं, लेकिन वहां बाईपास न बनाकर कस्बे से होकर ही स्टेट हाइवे निकाला जा रहा है, जबकि सरकार, प्रशासन और विभाग छाजा में बाईपास बनाकर किसानों की जमीन अवाप्त करने पर तुला हुआ है। किसानों व ग्रामीणों ने छाजा जा में बिना बाईपास के ही हाइवे बनाने की मांग की है। रणजीत सिंह, लक्ष्मण सिंह, राजेंद्र सिंह सहित अन्य ने बताया कि पहले कडाणा डूब क्षेत्र में जमीन चली गई। बची जमीन पर खेती कर रहे हैं। वो भी अगर बाईपास के लिए ले लेंगे तो यहां के लोग खेती कहां करेंगे। यहां के लोग खेती से ही परिवार का पालन पोषण करते हैं। किसानों ने बाईपास निकालने के लिए जबरन जमीन लेने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी। साथ ही पीडब्ल्यूडी मंत्री व उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी से शिकायत करने को कहा। विरोध प्रदर्शन करने वालों में गोल्डन सिंह, हरेंद्र सिंह, मनीष पंड्या, भवानी सिंह, दुर्गा नारायण सिंह, जगदेव सिंह, मोहनलाल, राज सिंह छाजा, नान, सोमी रघु, मयुर नाई, पर्बत सिंह, महिला सहित अन्य मौजूद रहे। उधर, किसानों को नोटिस देने के मामले में तहसीलदार अनिल ताबियार को फोन किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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