बारिश शुरू होते ही मकान बनाना हो गया महंगा:सब्जियों जवा फूल चावल के रेट बढ़े, कॉलोनियों में भर रहा पानी

शहर में लगातार हो रही बारिश का असर अब लोगों के बजट पर भी दिखाई दे रहा है। आम लोगों की जरूरत की चीजें महंगी होती जा रही है। बारिश में मकान बनाना महंगा हो गया है। क्योंकि रेत, ईंट और गिट्टी के दाम बढ़ गए हैं।
घरों में आने वाली सब्जियां भी 30 फीसदी तक महंगी हो गई हैं। ऑटो, टैक्सी और बस वाले भी ज्यादा किराया वसूल कर रहे हैं। बाजार में अभी सबसे ज्यादा महंगा जवां फूल चावल बिक रहा है। 70 से 90 रुपए किलो में बिकने वाला जवां फूल चावल अभी 115 से 140 रुपए किलो में ​बिक रहा है। एचएमटी, काली मूंछ, श्रीराम समेत बाकी ब्रांड के चावल की कीमत में थोड़ा उतार-चढ़ाव जारी है। लगातार बारिश की वजह से शहर की कॉलो​नियों में अभी भी पानी भर रहा है। बारिश रुकने के दो से तीन दिन बाद भी घरों के बाहर पानी भरा रहता है। इससे हजारों की संख्या में लोग परेशान हो रहे हैं। उनका घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। घाट बंद होने से बढ़ गई रेत की कीमत
बारिश में घर बनाना लोगों को अभी महंगा पड़ रहा है। जैसे-जैसे बारिश तेज होती जा रही है रेत की कीमत बढ़ रही है। रेत सप्लायर 20 से 22 रुपए फीट में रेत बेच रहे हैं। यानी 600 फीट रेत से भरी एक हाइवा 10 से 12 हजार रुपए में घाट से निकल रही है। इसमें ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा जुड़ने के बाद लोगों को यही रेत 15 से 16 हजार रुपए में मिल रही है। इसी तरह ईंट भट्टों से लाल ईंट 7.30 से 7.50 रुपए में बिक रही है। घरों तक पहुंचने में इसकी कीमत 8.50 से 9.50 रुपए तक हो जा रही है। बारिश में ईंट जल्दी नहीं सूखने की वजह से डिमांड ज्यादा और आवक कम हो जाती है। इसी तरह गिट्टी भी 24 रुपए फीट तक में बिक रही है। बारिश से पहले यही गिट्टी 18 से 20 रुपए फीट तक में बिक रही थी। मजबूती के लिए लोग बा​रिश में घर बनाना पसंद करते हैं। सेमी 200 तो मशरूम 1300 रु. किलो
राजधानी में बाहर से आने वाली सभी सब्जियां अभी महंगी बिक रही है। टमाटर कर्नाटक से आ रहा है। एक कैरेट की कीमत 800 रुपए तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र से आने वाली हरी मिर्च, गंवार फली, फूलगोभी, पत्तागोभी, राजस्थान से आ रही शिमला मिर्च, मध्यप्रदेश से आ रही धनिया, हरी मिर्च, गाजर समेत लगभग सभी सब्जियों की कीमत 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। सबसे ज्यादा महंगी सब्जियों में अभी सेमी है। जो थोक में 120 से 140 और चिल्हर में 160 से 200 रुपए प्रति किलो बिक रही है। मशरूम की कीमत 1300 रुपए किलो तक पहुंच गई है। चिल्हर में इसे 500 रुपए पाव बेचा जा रहा है। जो सब्जियां बारिश से पहले 15 से 30 रुपए प्रति किलो बिक रही थी वही अब 40 से 80 रुपए किलो बिक रही है। ^ बारिश में रेत घाट बंद होने के बाद से ही कीमत बढ़नी शुरू हो जाती है। अभी लगातार बारिश की वजह से और कीमत बढ़ रही है। ईंट और गिट्टी की भी कीमत बढ़ी है। मकान बनाना अभी महंगा हो गया है।
गिरधारी सोनवानी, अध्यक्ष रेत हाइवा संघ
^ राजधानी में लगभग सभी सब्जियां बाहर से आती हैं। अभी बारिश की वजह से फसल खराब हो रही है या फिर ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कत हो रही है। इस वजह से सब्जियों कीमत बढ़ रही है। लोकल आवक शुरू होने के बाद ही कीमत कम होगी।
टी श्रीनिवास रेड्डी, अध्यक्ष थोक सब्जी बाजार
^ बारिश का असर अभी सबसे ज्यादा चावल पर ही हुआ है। जवा फूल की कीमत सबसे ज्यादा बढ़ी है। बाकि चावल की किस्मों में उतार-चढ़ाव जारी है। दालों की आवक अच्छी होने की वजह से इनकी कीमतों में कम असर हुआ है।
प्रकाश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ चैंबर

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