भास्कर न्यूज| महासमुंद ज्ञान बांटने से बढ़ता है, इस पंक्ति को यथार्थ साबित कर दी है बेलसोंडा के हायर सेकंडरी स्कूल की विद्यार्थियों ने। स्कूल के छात्रों ने जिला स्तर में आयोजित एआई स्किलिंग कैंप में भाग लेकर 5 दिनों तक छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की बारीकियों, डेटा माइनिंग, डेटा एक्विजिशन, डेटा विजुलाइजेशन, के बारे में जाना। कैंप के बाद बच्चों ने जो ज्ञान अर्जित किया था, उसका उपयोग अपने स्कूल में जा 20 छात्रों का समूह तैयार कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिखाना प्रारंभ कर दिया। विद्यार्थियों ने मेहनत कर ऐेसा एआई अटेंडेंस सिस्टम बनाया है, जिसकी मदद से क्लास के सभी बच्चों का रियल टाइम अटेंडेंस कम समय में ही हो जाएगा। शासकीय उच्च माध्य विद्यालय नरा और महासमुंद के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलसोंडा के कक्षा ग्यारहवीं के छात्रा अहिल्या साहू व गरिमा भारती कक्षा दसवीं की छात्रा खुशी देवांगन व ईशा ने अपने अन्य सहपाठियों को स्कूल के कंप्यूटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नो कोड तकनीक और बेसिक्स की जानकारी साझा किया। इन छात्रों ने केगल डेटा सोर्स का उपयोग, ऑरेंज डेटा माइनिंग, टीचेबल मशीन के उपयोग से विभिन्न एआई आधारित प्रोजेक्ट्स बनाए। गर्मी की छुट्टियों के समय भी इन छात्रों के लगन से प्रभावित प्राचार्य शोभा सिंह देव ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत ग्रीष्म काल में भी बच्चो को नई तकनीक का ज्ञान एटीएल के माध्यम से दिया जा रहा है। एटीएल प्रभारी जगदीश सिन्हा ने बताया कि स्कूली बच्चे पहले जिला स्तरीय कैंप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बेसिक्स सीख कर आए। समग्र शिक्षा व जिला विज्ञान शैक्षिक परिषद के तत्वावधान में जिला स्तरीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर 5 दिवसीय एआई स्किलिंग कैंप का आयोजन 24 से 28 मार्च तक किया गया। जिसमें जिले के सभी ब्लाक से 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस कैंप में इंटेल डिजिटल रेडीनेस के एआई एक्सपर्ट अनूप सिंह ने 5 दिनों तक छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की बारीकियों, डेटा माइनिंग, डेटा एक्विजिशन, डेटा विजुलाइजेशन, के बारे में बताया। साथ ही केगल, ऑरेंज डेटा, टीचेबल मशीन के माध्यम से एआई प्रोजेक्ट बनाना सिखाया।


