भास्कर न्यूज | अमृतसर मांगों को लेकर पावरकॉम ज्वाइंट फोरम के कर्मचारी 3 दिवसीय हड़ताल पर हैं। बार्डर जोन में 55.28 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे। वहीं सिटी और सबअर्बन सर्किल मे सोमवार को ऑफिस तो खुले पर उनमें इक्का-दुक्का ही कर्मचारी अपनी सीटों पर बैठे मिले। जबकि बिजली बिलों को ठीक करवाने, बिल जमा करवाने समेत अन्य क्लेरिकल स्टाफ में होने वाली काम कराने आए उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग को अपना काम कराने आए पर वहां खाली सीट देखकर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। बार्डर जोन के चीफ इंजीनियर देसराज बांगड़ ने कहा कि बार्डर जोन में कुल 4209 कर्मचारियों तैनात हैं इनमें 1815 ड्यूटी पर आए, जबकि 2327 हड़ताल पर रहे। कुल मिलाकर 55.28 प्रतिशत कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर रहे। सोमवार को बिजली बंद की शिकायतें 8 हजार के करीब आई। इनमें से 2 हजार शिकायतें पेंडिंग चल रही है। जिन्हें कर्मचारी रिजाल्व करने में लगे है। जबकि 66 केवी झंडेर बिजली घर में तरनतारन से एक कर्मचारी तैनात रहा। जिसकी वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद एक कर्मचारी को भेजकर बंद बिजली फीडरों को चालू कराया। लोगों का कहना है कि सरकार और पावरकॉम मैनेजमेंट को लोगों की सहूलियत का ध्यान रखना चाहिए। सिटी सर्किल में चाटीविंड से पहुंचे सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपना बिजली बिल ठीक करवाने आए हैं, जिसमें उनका 100 रुपए किराया लगा मगर जब सिटी सर्किल में पहुंचे तो पता चला कि स्टाफ हड़ताल पर है। इसी तरह डोली का कहना है कि वह बिजली बिल जमा कराने आए मगर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। उनका कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि कर्मचारी 3 दिन की हड़ताल पर है तो वह घर से नहीं आती।


