जिले के कटंगी परिक्षेत्र अंतर्गत गोरेघाट सर्किल के खैरलांजी में सोमवार को फिर ग्रामीणों ने बाघ देखा। ग्रामीण किशोर कुंभरे की माने तो वह पैरा जमा कर रहा था। इस दौरान बाघ दिखाई दिया। बाघ की ग्राम में दस्तक और ग्रामीण किशोर कुंभरे के बाघ को देखे जाने के बाद से ग्राम में दहशत के साथ ही आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण बोले- बाघ को जल्द पकड़ा जाए यही कारण है कि ग्रामीण वन अधिकारियों को घेरने मजबूर हैं। हालांकि वन विभाग ग्रामीणों को समझाइश के साथ ही आश्वस्त कर रहा है कि बाघ से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर विभाग प्रयासरत है। लेकिन ग्रामीण चाहते हैं कि ग्राम के किसान सुखराम को निवाला बना चुका है। इसलिए जल्द ही बाघ को पकड़ा जाए। एक दिन पहले बाघ के हमले से किसान की मौत हुई थी एक दिन पहले 22 दिसंबर को खैरलांजी निवासी किसान खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान बाघ ने उस हमला कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। आज फिर टाइगर दिखने से दहशत आज बाघ के शिकार से मृत हुए किसान सुखराम उईके का अंतिम संस्कार के बाद किशोर कुंभरे के घर के पास बाघ देखा गया है। उस वक्त किशोर कुंभरे पैरा बांध रहा था। इस खबर के बाद ग्रामीणों में वनविभाग को लेकर आक्रोश देखा गया और जब परिक्षेत्र अधिकारी बाबुलाल चढ्ढार ग्राम पहुंचे तो वहां उन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। सूत्र बताते हैं कि वनविभाग के ग्रामीणों ने गांव में वन विभाग के अमले को घुसने से रोक दिया है। जिसके कारण वन अमला अन्यत्र मार्ग से बाघ की ट्रेर्किंग कर रहा है। बाघ को पकड़ने लगाया जाएगा पिंजरा परिक्षेत्र अधिकारी बाबुलाल चढ्ढार ने बताया कि ग्राम में बाघ का मूवमेंट है। ग्रामीण नाराज हैं। लेकिन हम विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने के सभी उपाय कर रहे हैं। अतिरिक्त अमले को भी गश्त में लगाया गया है। वहीं बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा बुलाया गया है। जिसे रात तक लगा दिया जाएगा। कल ड्रोन कैमरे से भी बाघ के मूवमेंट को पता लगाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वह अकेले बाहर ना निकले और मवेशियों को बाहर ना रखे। अधिकारी बोले- ग्रामीण सावधानी बरते वनमंडलाधिकारी अधर गुप्ता ने बताया कि खैरलांजी में एक बुजुर्ग का बाघ का शिकार करने के बाद लगातार वन अमला वहां गश्त कर रहा है और बाघ को रहवासी क्षेत्र से दूर करने में जुटा है। हमने घटना को लेकर अतिरिक्त अमला भी तैनात किया है। बाघ को पकड़ने विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है, ग्रामीण भी सतर्कता बरते।


