नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, कांग्रेस का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में बालू से होने वाली अवैध कमाई के कारण ही राज्य सरकार झारखंड में पेसा कानून को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर बालू की लूट हो रही है। जमशेदपुर के भुइयांडीह क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी से नावों का प्रयोग कर अवैध बालू खनन किया जा रहा है। बोरों में भर कर बालू को किनारे रखा जाता है। इसके बाद परिवहन शुरू होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस लूट में राज्य सरकार, माफिया और पुलिस, सब शामिल हैं। मरांडी ने कहा कि कहने को तो हाईकोर्ट ने बालू खनन पर रोक लगा रखी है, पर खुलेआम अवैध खनन कराकर बालू को ऊंची कीमतों पर आम लोगों को बेचा जा रहा है।कहा कि राज्य सरकार एक तरफ कोर्ट के सामने समय मांगती है और बाहर निकलते ही जनता को लूटना शुरू कर देती है। रिम्स जमीन प्रकरण में अफसरों पर कार्रवाई हो
रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर भी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन काे पत्र लिखा है। कहा है कि डीआईजी ग्राउंड पर जिला प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा कैसे होने दिया गया? हद तो तब हो गई जब रिम्स की उक्त जमीन पर अपार्टमेंट बनाकर आम नागरिकों के हाथों फ्लैट बेच दिया। पूरे प्रकरण में संबंधित रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी और रांची नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए। 20 सालों तक सत्ता में रहे, तब पेसा याद नहीं आया : किशोर
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बाबूलाल मरांडी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि बाबूलाल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए मुख्यमंत्री और गठबंधन सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। शाहदेव ने कहा कि पेसा कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष का बयान हास्यास्पद है। हेमंत सरकार आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भाजपा ने 20 सालों तक राज्य में शासन किया, तब उन्हें पेसा नियमावली की याद क्यों नहीं आई? बाबूलाल मरांडी को यह बताना चाहिए कि केंद्र की एजेंसियों का उपयोग वे केवल राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए क्यों करते हैं?


