नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। मामला जोन-बी का है, जहां तैनात रहे असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) और बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने मिलीभगत कर समराला चौक के नजदीक चंडीगढ़ रोड पर करीब 2500 गज में एक कमर्शियल शोरूम बिना किसी वैध मंजूरी के खड़ा करवा दिया। इसका न तो कोई नक्शा निगम से पास हुआ और न ही इसकी अनुमति से संबंधित कोई रिकॉर्ड निगम के पास है। जानकारी अनुसार, शोरूम मालिक से कंपाउंडिंग फीस वसूलकर मामला दबाने की कोशिश भी की। लेकिन विभाग के भीतर से ही निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल तक पहुंची। उन्होंने जोन-बी में तैनात रहे एटीपी जगदीप सिंह और बिल्डिंग इंस्पेक्टर पालप्रीत से उक्त इमारत से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड तलब किया, लेकिन दोनों अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच में सामने आया कि बिना किसी स्वीकृति के निर्माण होने के बावजूद अधिकारियों ने कंप्लीशन सर्टिफिकेट तक जारी कर दिया, जो कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह नुकसान एक करोड़ रुपए से अधिक का है। कमिश्नर ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाने, उच्च स्तरीय विभागीय कार्रवाई के संकेत दिए हैं। बन रही इमारतों के सर्टिफिकेट तलब निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने जोन-डी कार्यालय में बिल्डिंग ब्रांच अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी यह लिखित सर्टिफिकेट दें कि उनके क्षेत्र में कोई भी इमारत गैर-कानूनी नहीं बनाई जा रही है। कंपाउंडिंग फीस, कंप्लीशन, कंपोजीशन, सीएलयू चार्ज से जुड़े सर्टिफिकेट शनिवार तक जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं। जोन-डी में 2 दर्जन इमारतों पर चला पंजा जोन-डी में नए एटीपी के रूप में हरविंदर सिंह हनी के चार्ज संभालते ही एक महीने में ही जोन-डी में दो दर्जन से अधिक अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाया गया है। इससे पहले कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। यह स्थिति सवाल खड़े करती है कि इससे पहले तैनात रहे एटीपी को ये अवैध इमारतें क्यों नजर नहीं आईं। हाउस में आने वाले 3 सड़कों को कमर्शियल करने के प्रस्ताव भी फंसे मामले के बाद निगम की बिल्डिंग ब्रांच पर शिकंजा कस गया है। जनरल हाउस की बैठक में मॉडल टाउन क्षेत्र की दो सड़कों और सिमिट्री रोड से सीबिया अस्पताल को जाने वाली सड़क को कमर्शियल घोषित करने के प्रस्ताव लाए जाने हैं। लेकिन इससे पहले ही निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच से रिपोर्ट तलब कर ली गई है। आखिर इन सड़कों पर बड़ी संख्या में कमर्शियल इमारतें पहले ही कैसे बन चुकी हैं। सिमिट्री रोड से सीबिया अस्पताल को जाने वाली सड़क पर करीब 8 कमर्शियल इमारतें बिना किसी मंजूरी के बन चुकी हैं, जबकि मॉडल टाउन की दोनों सड़कों पर लगभग 45 अवैध कमर्शियल निर्माण सामने आए हैं। इन अवैध निर्माणों को लेकर निगम कमिश्नर ने उस समय तैनात रहे एटीपी और बिल्डिंग इंस्पेक्टरों के नाम, फाइलें और पूरा रिकॉर्ड तलब कर लिया है।


