भास्कर न्यूज | लुधियाना नगर निगम में सफाई और सीवर व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों का आरोप है कि पिछले एक साल से सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और लंबरदारों के तबादले क्षेत्रीय पार्षदों की सहमति के बिना किए जा रहे हैं। उनका तर्क है कि अनुभवी कर्मचारियों को सत्ताधारी पक्ष की सिफारिश पर हटाकर नए कर्मचारियों को तैनात कर दिया जाता है, जिन्हें क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति की समझ नहीं होती। इससे वार्डों की मूलभूत सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। पार्षद गौरव भट्टी व अन्य ने निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल को सौंपे मांग पत्र में बताया कि कई वार्डों में एक साल के भीतर 5 से 7 बार तबादले हुए हैं। पार्षदों ने 31 दिसंबर 2025 के आदेश (संख्या 730 एमओ) का हवाला देते हुए हलका ईस्ट में बिना सहमति के तैनात किए गए 6 नए लंबरदारों का कड़ा विरोध किया। इनमें कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के पार्षदों के वार्ड शामिल हैं। पार्षदों की मुख्य मांग है कि इन तबादलों को तुरंत रद्द किया जाए और भविष्य में नियुक्तियां केवल क्षेत्रीय पार्षदों की सहमति से हों। उन्होंने चेतावनी दी कि कुप्रबंधन के कारण शहर में बढ़ती गंदगी लुधियाना और पंजाब की छवि खराब कर रही है।


