नगरीय निकाय चुनाव में प्रचार करने बिलासपुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ट्रैक्टर चलाते हुए रैली निकाली। इस दौरान वो अपनी ट्रैक्टर पर कांग्रेसियों को बैठाकर रैली में शामिल हुए और माहौल बनाया। रैली को परमिशन नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कि प्रशासन पूर्व मंत्री व सेठजी के दबाव में काम कर रहा है। भाजपा ने जिसे मेयर का टिकट दिया गया है, वह छत्तीसगढ़ में ओबीसी वर्ग के किस नंबर पर हैं। यह भाजपा को बताना चाहिए। हर प्रदेश में जातियों की सूची अलग-अलग है। हो सकता है दूसरे प्रदेश के पिछड़े यहां न हो। हमने नहीं सुना है कि एल.पद्मजा नाम का व्यक्ति पिछड़े वर्ग में आता है। बुधवार दोपहर पूर्व सीएम भूपेश बघेल शहर पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी व वार्ड पार्षद उम्मीदवारों के लिए ट्रैक्टर रैली निकाली। ट्रैक्टर रैली सकरी से शुरू होकर परसदा तक गई। इस दौरान जगह-जगह उन्होंने लोगों को संबोधित किया। पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि यह असली-नकली ओबीसी की लड़ाई है। छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान का चुनाव है। भाजपा ने गैरछत्तीसगढ़िया को स्टाम्प पेड मेयर प्रत्याशी बनाया है। जबकि, कांग्रेस से पिछड़ा वर्ग के स्थानीय उम्मीदवार प्रमोद नायक मैदान में है। पूर्व सीएम बघेल बोले- चुनाव से डरी हुई है भाजपा
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा इस चुनाव में डरी हुई है। यही वजह है कि ट्रैक्टर रैली को परमिशन नहीं दिया गया। प्रशासन भी भाजपा का सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पहले तो चुनाव ही नहीं करवाना चाहती थी। जब बिल पास कर लिए। फिर राज्यपाल का हस्ताक्षर नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरी में चुनाव करवाना पड़ा। भाजपा के सरकार में सालभर में कोई काम नहीं हुआ है, इसलिए डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैं कुनकुरी से आ रहा हूं। वहां हमारी सरकार के समय के 100 करोड़ के काम, जिसके टेंडर हो गए थे, वे काम भी नहीं हो रहे हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना को लेकर सवाल उठाए और कहा कि 70 लाख महिलाओं में से कइयों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।


