बीजेपी सरकार शंकराचार्य का अपमान कर रही: लोढ़ा:बोले- कथित हिंदू संगठन अब चुप क्यों, सरकार गरीबों से अधिकार छीनना चाहती है

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने भाजपा सरकार पर आदि शंकराचार्य का अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह बयान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सिरोही के ‘मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान’ के तहत गांवों में जनसंपर्क के दौरान दिया। लोढ़ा ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने चारों दिशाओं में मठों की स्थापना कर देश की राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया था। उन्होंने प्रयागराज में तीन दिन पहले आदि शंकराचार्य के साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार को ‘देश के माथे पर कलंक’ बताया। लोढ़ा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और कथित हिंदू संगठनों की चुप्पी पर सवाल उठाए, खासकर शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुई मारपीट की घटना पर। उन्होंने राम झरोखा मंदिर से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया। लोढ़ा के अनुसार, मंदिर की आठ पट्टियां अवैध तरीके से बनाकर करोड़ों रुपए का गबन किया गया है। साथ ही, स्कूल के नाम पर 99 साल की गैर-कानूनी लीज प्राप्त की गई है। उन्होंने कथित हिंदूवादी संगठनों से इस मामले पर प्रतिक्रिया न देने और मंदिर की जमीन हड़पने पर चुप रहने का कारण पूछा। लोढ़ा ने क्षेत्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कलेक्टर कार्यालय के पास से हर तीन महीने में चंदन के पेड़ चोरी हो जाते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। खेतों से केबल, मोटर, बकरी, गाय और भैंस की चोरियों के मुकदमे तक दर्ज नहीं होते। उन्होंने पाड़ीव गांव में एक ही दिन में 18 चोरियों का हवाला दिया और कहा कि 800 से अधिक चोरियों के मामले अनसुलझे हैं। हत्या के मामले भी नहीं खुल रहे हैं, और आबू रोड सहित पूरे क्षेत्र में गिरोहों का राज हो गया है। लोढ़ा ने रात में सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाते हुए सरकार की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगाया। यह जनसंपर्क अभियान रामपुरा, गोयली, पाड़ीव, डोड़ुआ, खांबल, सरतरा, कालंद्री और तंवरी गांवों में चलाया गया था, जहां लोढ़ा ने ग्रामीणों को संबोधित किया। लोढ़ा ने कहा कि मनरेगा तो हमारा कानूनी अधिकार था, लेकिन भाजपा की सरकार गरीबों से ही अधिकार छीनना चाहती हैं। यह बिल मनरेगा की आत्मा को मार रहा है। मनरेगा ने आपको ‘काम का कानूनी अधिकार’ दिया था। अब यह सरकार इसे ‘योजना’ बनाकर अपनी मुट्ठी में कैद करना चाहती है। मनरेगा में काम मांगना आपका हक था, लेकिन नए बिल में काम तभी मिलेगा, जब केंद्र सरकार किसी क्षेत्र को ‘अधिसूचित’ करेगी। यानी, अधिकार अब सरकार की इच्छा पर निर्भर होगा। इस अवसर पर पीसीसी सदस्य किशोर पुरोहित, जिला संगठन सचिव भुराराम मेघवाल, संगठन महासचिव जोगाराम मेघवाल, महिला जिला अध्यक्ष रेणुलता व्यास, मंडल अध्यक्ष कुलदीप रावल, शिवलाल घांची, ब्लॉक संगठन महामंत्री कल्पेश त्रिवेदी, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश मिना, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चंपालाल तीरगर, एनएसयूआई राष्ट्रीय संयोजक दशरथ नरुका, ब्लॉक उपाध्यक्ष देवेंद्र सेन, वरिष्ठ कांग्रेसी हड़मत सिंग, भगवत सिंह, मोहन सीरवी, जब्बर सिंह, देशाराम मेघवाल, प्रकाश देवासी, हिम्मत मेघवाल, ईश्वर भाई पुरोहित, भीमा राम चौधरी उसे सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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