भास्कर न्यूज | लुधियाना अन्नदाता किसान मज़दूर यूनियन की बैठक यूनियन के मुख्य दफ्तर, मॉडल टाउन एक्सटेंशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष जत्थेदार तरणजीत सिंह निमाणा और प्रदेश अध्यक्ष हरप्रीत सिंह मखू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में किसान नेताओं ने बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त पानी छोड़ने के फैसले का विरोध करते हुए इसे पंजाब के साथ जबरदस्ती करार दिया। उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों के आंदोलन का बदला पंजाब से लिया जा रहा है। जत्थेदार निमाणा और मखू ने कहा कि नदियों के पानी के मसले को रिपेरियन सिद्धांत (यानि जिस राज्य से नदी गुजरती है, उसका पहला हक) के आधार पर हल किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए शारधा-यमुना लिंक नहर के निर्माण के लिए संबंधित राज्यों से बातचीत शुरू की जाए। किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा अपने हिस्से का पानी पहले ही इस्तेमाल कर चुका है और मानवता के आधार पर पंजाब ने 4,000 क्यूसिक पानी पहले ही दिया है। अब बीबीएमबी द्वारा अतिरिक्त पानी छोड़ने का फैसला पंजाब की जरूरतों को नज़रअंदाज करना है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि बदले की भावना छोड़कर फसली विविधता को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही, पाकिस्तान को बेवजह जा रहे रावी नदी के पानी को संभालने और उपयोग में लाने के लिए पंजाब को वित्तीय पैकेज दिया जाए। बैठक में कोर कमेटी के सदस्य मंजीत सिंह बुटाहरी, भुपिंदर सिंह, सरपंच मंजीत सिंह तूर, अमरजीत सिंह भट्टी, निर्मल सिंह बेरकलां, परमजीत सिंह नत, चरणजीत सिंह, जुझार सिंह और तजिंदर सिंह बिट्टा सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।


