बुरहानपुर में इंदौर की ‘हनी कंपनी’ के नाम से डुप्लीकेट चायपत्ती की कालाबाजारी का खुलासा हुआ है। आरोप है कि इंदौर की कंपनी के पैकिंग लेबल को थोड़ा बदलकर आसपास के जिलों में बेचा जा रहा था। खरगोन जिले से शिकायत मिलने के बाद कंपनी के मालिक हनी खत्री ने खाद्य औषधि प्रशासन विभाग को सूचित किया। भोपाल से गठित टीम ने मंगलवार शाम बुरहानपुर के इंदिरा कॉलोनी स्थित ‘प्रोमिस चाय कंपनी’ के गोदाम पर दबिश दी और नकली माल पकड़ा। री-पैकिंग से कंपनी को हुआ नुकसान गोदाम में पाया गया कि सुनील जगनानी और अन्य लोग ‘हनी कंपनी’ की चायपत्ती की री-पैकिंग कर बाजार में बेच रहे थे। शिकायत के अनुसार इस धंधे से कंपनी को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ और ग्राहकों को कम गुणवत्ता वाली चाय दी जा रही थी। हनी खत्री ने बताया कि यह कारोबार पिछले दो महीने से चल रहा था और माल खंडवा, खरगोन समेत अन्य जिलों में सप्लाई किया गया। खाद्य औषधि विभाग के संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी एचएल अवासिया ने बताया कि गोदाम से विभिन्न ब्रांडों के नमूने लिए गए हैं और फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गए माल की गिनती और लेबलिंग व गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे लाइसेंस रद्द करना, जुर्माना और जेल की कार्रवाई की संभावना है। कंपनी करेगी 10 करोड़ का दावा ‘हनी कंपनी’ के अधिवक्ता विनायक पाल चंदानी ने बताया कि उनके क्लाइंट की ब्रांड की हूबहू नकल की जा रही थी। उन्होंने कहा कि कंपनी 10 करोड़ रुपये का दावा करेगी। यह मामला केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और विश्वास के साथ भी खिलवाड़ करता है। थाने में शिकायत दर्ज कर दी गई है और जांच जारी है।


