देवास-शाजापुर लोकसभा सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी ने लोकसभा में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने विद्यार्थियों में परीक्षा के दौरान बढ़ते तनाव, शिक्षकों पर पड़ रहे मानसिक दबाव और नई शिक्षा नीति 2020 के तहत त्रिभाषा फार्मूले के क्रियान्वयन को लेकर सरकार से जवाब मांगा। सांसद सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से बच्चों के तनाव को कम करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पूछा कि क्या शिक्षा नीति 2020 के अनुसार त्रिभाषा फार्मूला सरकारी विद्यालयों में लागू किया जा चुका है, खासकर मध्यप्रदेश और उनके संसदीय क्षेत्र देवास-शाजापुर में। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने जवाब में बताया कि नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य बच्चों को एक या अधिक भाषाओं में मजबूत बनाना है। त्रिभाषा फार्मूले के तहत विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण करेगा, साथ ही एक अन्य भारतीय भाषा और अंग्रेजी भी सीखेगा। एनसीईआरटी की 22 पुस्तकें भारतीय भाषाओं में छापी मंत्री ने जानकारी दी कि एनसीईआरटी की 22 पुस्तकें भारतीय भाषाओं में छापी गई हैं, जबकि प्राइमर पुस्तकें 121 भाषाओं में प्रकाशित की गई हैं। पीएम ई-विद्या और दीक्षा प्लेटफॉर्म पर भी मातृभाषा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का क्रियान्वयन कर रहा है।


