बुरहानपुर जिले की निंबोला पुलिस ने एक ऐसे गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो महाराष्ट्र से गन्ना कटाई मजदूरों को लेने आए किसानों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस ने इनके पास से 61,500 रुपए नकद और 25,000 रुपए कीमत के 2 मोबाइल फोन, यानी कुल 86,500 रुपए की नगदी और माल बरामद किया है। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपी ये हैं- राजेश उर्फ राजू पिता नानसिंग खरते (32), निवासी उतांबी। देवेंद्र उर्फ देवसिंग पिता मान्या बडोले (30), निवासी उतांबी। सोनू पिता तुकाराम बडोले (26), निवासी गुलरपानी बोरगांव, जिला खंडवा। दीपक पिता सादु बडोले (30), निवासी गुलरपानी बोरगांव, जिला खंडवा। ये है पूरा मामला यह पूरा मामला 12 नवंबर 2025 को तब सामने आया, जब महाराष्ट्र के बीड़ जिले के खडकी घाट निवासी शशिकांत पाटिल (40) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पाटिल ने बताया कि वह अपने दोस्त शिवशंकर विट्ठल जंगले और सत्यम पोपट वाघमारे के साथ गन्ना मजदूरों को लेने के लिए बुरहानपुर के खातला फाटा आए थे। चाय की दुकान पर हुई दोस्ती, ऐसे फंसाया शिकायत के मुताबिक, तीनों दोस्त एक होटल पर चाय पी रहे थे और आपस में बात कर रहे थे। तभी उनकी बगल वाली मेज पर बैठा एक अनजान आदमी उनके पास आया और उनसे बुरहानपुर आने की वजह पूछी। शशिकांत पाटिल ने जब उस आदमी का नाम पूछा, तो उसने अपना नाम देवेंद्र सिंह भास्कर, ग्राम उतांबी, तहसील नेपानगर बताया। इसके बाद उन लोगों की आपस में बातचीत शुरू हो गई। जंगल में ले जाकर दिया लूट की वारदात को अंजाम पीड़ित शशिकांत पाटिल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने देवेंद्र सिंह भास्कर को बताया कि वे गन्ना कटाई के लिए लेबर ढूंढने आए हैं। इस पर देवेंद्र ने उन्हें कहा कि उसके पास 15 जोड़ी गन्ना कटाई करने वाले मजदूर हैं। जब पाटिल ने मजदूर दिखाने के लिए कहा, तो देवेंद्र सिंह भास्कर ने 15 जोड़ी मजदूरों के लिए 30,000 रुपए कमीशन मांगा। पाटिल ने कहा कि पहले मजदूर दिखाओ, फिर कमीशन दूंगा। इसके बाद, देवेंद्र सिंह भास्कर और उसके साथी मजदूरों को दिखाने के बहाने तीनों को होटल से करीब 10 से 15 किलोमीटर दूर खातला फाटा के पास जंगल में ले गए। जंगल में पहुंचते ही उन्होंने गाड़ियां रोक दीं और धमकी दी कि “अब तुम हमारे चंगुल में हो”। इसके बाद उन्होंने मारपीट शुरू कर दी और उनका सारा सामान छीन लिया। शशिकांत पाटिल से लगभग 1,23,000 रुपए का सामान लूटा गया, जिसमें चांदी का कंगन, 6000 रुपए नकद, एक वीवो मोबाइल और फोन-पे के जरिए 95,000 रुपए शामिल थे। शिवशंकर जंगले से लगभग 1,30,000 रुपए का सामान लूटा गया, जिसमें सोने की बाली, चांदी की चेन, 4000 रुपए नकद, एक वीवो मोबाइल और फोन-पे के जरिए 91,000 रुपए शामिल थे। सत्यम वाघमारे से लगभग 15,000 रुपए कीमत का एक वीवो मोबाइल लूटा गया। इस तरह कुल 2,68,000 रुपए की लूटपाट हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। सीसीटीवी और साइबर सेल की मदद से पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और साइबर सेल की मदद से टेक्निकल जानकारी जुटाई। इसी आधार पर खातला फाटा से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने महाराष्ट्र से आए शशिकांत पाटिल और उनके साथियों से लूट की बात कबूल कर ली है। गिरोह के बाकी फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।


