बूंदी अस्पताल में बच्ची की अंगुली कटी:परिजनों-पार्षदों का 5 घंटे हंगामा, आरोपी कर्मचारी ड्यूटी से हटाए गए

बूंदी में मातृ एवं शिशु अस्पताल के आईसीयू वार्ड में शनिवार को चार माह की बच्ची लक्ष्मी की इलाज के दौरान अंगुली कटने के बाद रविवार सुबह परिजनों और पार्षदों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्रवाई की मांग को लेकर करीब 5 घंटे तक हंगामा और धरना चला। विरोध के दौरान वार्ड में बच्ची से मिलने से रोके जाने पर पुलिसकर्मियों से तकरार तक हो गई और नारेबाजी करते हुए लोग वार्ड के भीतर घुस गए। अस्पताल प्रशासन मौके पर लाचार नजर आया। उन्होंने कार्यवाहक पीएमओ डॉ. सुरेश अग्रवाल से आरोपी कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बाद में कोतवाली थाना प्रभारी भंवर सिंह की समझाइश के बाद लोग वार्ड से बाहर आए और पीएमओ चैंबर के बाहर आमरण अनशन की चेतावनी दी। इसके बाद पार्षद देवराज गोचर, प्रेमप्रकाश एवरग्रीन, पार्षद प्रतिनिधि बनवारी कराड़, पार्षद संदीप देवगन सहित परिजन अस्पताल गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। सूचना पर एसडीएम लक्ष्मीकांत मीणा और तहसीलदार अर्जुन मीणा मौके पर पहुंचे और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई, वार्ड स्टाफ को हटाने व बच्ची के इलाज व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया। आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार, सदस्य छुट्टनलाल शर्मा और घनश्याम दुबे भी अस्पताल पहुंचे। शाम तक बातचीत के बाद आपसी सहमति बन गई और परिजनों ने फिलहाल कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही।
यह था मामला चार माह की बच्ची लक्ष्मी को निमोनिया के उपचार के लिए 5 दिन पहले शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया था। शनिवार को कैनूला हटाने के दौरान कर्मचारी पट्‌टी काटते समय बच्ची की अंगुली का ऊपरी हिस्सा कैंची से कट गया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत बच्ची का ऑपरेशन कर प्लास्टिक सर्जरी से अंगुली का इंप्लांट किया। पीएमओ डॉ. एलएन मीणा ने कहा- जानबूझकर नहीं किया गया। कट अंगुली के अंतिम हिस्से में था। ट्रेनर कर्मचारी की लापरवाही जांच में सामने आया कि वार्ड में ट्रेनर सीएचओ कर्मचारी भी तैनात थे जो विभिन्न वार्डों में क्लिनिकल पोस्टिंग के तहत कार्य कर रहे हैं। परिजनों ने बताया कि पहले भी लापरवाही की घटनाएं हुईं लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हुई। अस्पताल प्रशासन ने ट्रेनर कर्मचारी सहित 50 कर्मचारियों को अग्रिम आदेश तक हटाया है। नर्सिंग कॉलेज प्रिंसिपल ने आरोपी कर्मचारी को जयपुर निदेशालय रिलीव कर दिया। साथ ही जनाना अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक को भी बदल दिया गया। घटना के दौरान मौजूद नर्सिंग प्रभारी व नर्सिंग कर्मचारी को 16सीसी नोटिस जारी कर हटाया गया। अब जिला प्रशासन की मॉनिटरिंग में अस्पताल व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कमेटी बनाई जाएगी।

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