बेटी की शादी में पूरा गांव मदद करता है:कोंडागांव के राजागांव में 355 परिवार करते हैं कन्यादान; पंचायत देती है टेंट-बर्तन-पानी

कोंडागांव जिले के राजागांव में बेटी की शादी को लेकर अनूठी परंपरा है। यहां के 355 परिवार मिलकर हर बेटी की शादी का खर्च उठाते हैं। गांव में किसी भी बेटी की शादी हो, हर घर से नगद राशि, अनाज और श्रमदान का सहयोग मिलता है। पंचायत की देखरेख में शादी के लिए टेंट, बर्तन, डीजे और पानी टैंकर की व्यवस्था की जाती है। गांव के लोग मंडप लगाने से लेकर भोजन बनाने तक में सहयोग करते हैं। महिलाएं घर का काम संभालती हैं और पुरुष श्रमदान करते हैं। गांव का हर व्यक्ति करता है मदद हर परिवार अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार योगदान देता है। कोई अनाज देता है तो कोई सब्जियां, तेल या मसाले। कुछ लोग लकड़ी और दोना-पत्तल का इंतजाम करते हैं। बिजली, बैंड-बाजा और वाहन की व्यवस्था भी सामूहिक रूप से की जाती है। पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा सरपंच दसरथ नेताम के अनुसार यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि पैसों की कमी के कारण किसी बेटी की शादी न रुके। साथ ही गांव में आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना बनी रहे।

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