भास्कर न्यूज | नर्रा/ महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 31 जनवरी को तक की गई। किसानों के खाते में राशि डाल दी गई है, लेकिन 17 जनवरी के बाद से जिले में जितने किसानों ने धान बेची है, उनके खाते में 25 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक खाते में राशि जमा नहीं हो पाई है। इससे किसानों को पैसे निकालने के लिए बैंकों में भटकना पड़ रहा है। रबी फसल की खेती की व्यस्तता के बीच किसानों को बैंक का चक्कर काटना पड़ रहा है। धान बेचने के बाद किसान बैंक में पैसे निकालने पहुंच रहे है। लेकिन खाते में पैसे नहीं डलने के कारण दिक्कतें बढ़ गई है। इससे किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। नर्रा के किसान ने बताया कि रबी फसल में धान लगाए हैं, लेकिन अब खाद डालने के लिए पैसे नहीं है। बैंक जाने पर खाते में पैसे नहीं आने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। इसको लेकर किसान वर्ग खासे चिंतित है। ग्राम आमाकोनी निवासी हीरामन कंवर ने बताया कि 27 जनवरी को धान बेचा था। अब तक राशि उनके खाते में नहीं आई है। बेटा-बेटी की सगाई है, ऐसे में रिश्तेदारों से उधारी में पैसे मांगने की नौबत आ गई है। इसी तरह की स्थिति अधिकांश किसानों की बनी हुई है। जिले के मामाभंाचा सोसायटी अंतर्गत ग्राम डोंगरीपाली के किसान गोवर्धन साहू ने बताया कि उसने 21 जनवरी को धान बेचा और अब तक उसके खाते में पैसा नहीं आया है। रबी फसल के लिए खाद खरीदने में काफी परेशानी हो रही है। अब तक बोनस नहीं मिली है। इसी तरह किसान गौतम चंद्राकर निवासी ग्राम बोरियाझर ने बताया कि उन्होंने फसल कटाई हार्वेस्टर से करवाया था उसका पैसा अब तक नहीं दे पा रहा हूं। खरीफ फसल में काम किए मजदूरों का मजदूरी अब भी बकाया है। घर में मजदूर पैसा मांगने के लिए रोजाना आकर तंग कर रहे हैं।


