लखनऊ के चिनहट में इंडियन ओवरसीज बैंक में 42 लॉकर टूटने के मामले में पुलिस ने आरोपियों की रिमांड मांगी है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई कार की भी पुलिस जानकारी निकाल रही है। एक टीम बैंक से सूची लेकर आरोपियों के पास से मिले माल का मिलान करेगी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चोरी की घटना में सातों आरोपियों ने भागने के लिए दो कारों का इस्तेमाल किया। दोनों कार का इंतजाम गैंग में शामिल सदस्य कैलाश की थी। एक कार उसकी पर्सनल और दूसरी उसने सुल्तानपुर के कार बाजार से खरीदी थी। पुलिस कार बाजार के मालिक से भी बयान दर्ज करने सुल्तानपुर जाएगी। बरामद सामान का होगा मिलान
चोरों ने बैंक में घुसकर 42 लॉकर काटे थे। बैंक ने पुलिस के सामने 36 लॉकर की सूची रखी है। इस सूची में लॉकर होल्डर के सामान की जानकारी है। जिसमें होल्डरों ने जेवर, नगदी व कागजों की जानकारी नोट कराई है। पुलिस ने सूची ले ली है। बरामद माल का मिलान करेगी। जिससे ये पता चल सकेगा कि अभी कितना माल रिकवर नहीं हो सका है। चेचिस नंबर मिटाकर खत्म कर दी कार मालिक की पहचान
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो कारें बरामद की है। इसमें नंबर प्लेट नहीं थी। आरोपी घटना के करने के लिए नंबर प्लेट हटा दिए थे। इसके साथ ही चेचिस नंबर भी मिटा दिया। रिमांड पर लेने के दौरान कार के असली मालिक के बारे में भी जानकारी करेगी। जिससे ये पता चल सकेगा आखिर कार किसकी है। ये था पूरा मामला
चिनहट में इंडियन ओवरसीज बैंक में 21 दिसंबर की रात सात बदमाशों ने मिलकर 42 लॉकर काटकर जेवरात और नकदी चोरी की थी। पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि एक के पैर में गोली लगी थी। चार को गिरफ्तार किया था।


