सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ देहाती मजदूर सभा की बैठक शहीद सरवन सिंह चीमा भवन में आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए 8 अप्रैल को जालंधर में राज्य स्तरीय रैली करने का फैसला लिया गया। प्रदेश संयुक्त सचिव बलदेव सिंह नूरपुरी और वित्त सचिव शमशेर सिंह बटाला ने बताया कि संगठन मनरेगा कानून में बदलाव, बिजली संशोधन बिल 2025 और श्रम कानूनों में सुधार के नाम पर बनाए जा रहे चार कोड का कड़ा विरोध करता है। उनकी मुख्य मांगों में बुढ़ापा व विधवा पेंशन को बढ़ाकर 5000 रुपये करना, महिलाओं को घोषित 1000 रुपये प्रति माह देना, बेघरों को 10-10 मरले के प्लॉट और मकान निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की ग्रांट देना शामिल है। रैली की सफलता के लिए संगठन ने एक योजना तैयार की है। इसके तहत 13 फरवरी से 10 मार्च तक जिलों में बैठकें की जाएंगी। वहीं 26 मार्च से 31 मार्च तक पूरे पंजाब में ‘जत्था मार्च’ निकाला जाएगा। इसके अलावा सभा 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल में भी अपनी पूरी ताकत के साथ शामिल होगी। इस बैठक के दौरान संगठन ने मजदूरों का सरकारी व निजी कर्ज माफ करने, सरकारी डिपुओं से सस्ता राशन दिलाने और भूमि सुधार कानूनों को सख्ती से लागू करने की मांग भी दोहराई। बैठक में बठिंडा के गांव लहरा सोंधा के दलित युवक गोरा सिंह की हत्या के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही, किसानों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की गई। यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष दर्शन नाहर की अध्यक्षता में हुई।


