बैतूल में जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके के गृह जिले से एक नेत्रहीन आदिवासी दंपती 2021 से पेंशन नहीं मिल रही है। ग्राम पंचायत सराड के जंगल में रहने वाले धाधु उइके (55) और उनकी पत्नी सुशीला को चार साल से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। वे पेड़ों के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हैं। इनके पास सभी दस्तावेज होने के बावजूद राशन कार्ड से अनाज या किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनकी झोपड़ी में न बिजली है और न ही पानी की सुविधा। वे जंगल से लकड़ियां बीनकर बेचकर किसी तरह अपना गुजारा कर रहे हैं। इस दंपती की स्थिति की जानकारी मिलने पर राष्ट्रीय हिन्दू सेना के कार्यकर्ता बैतूल से लगभग 18 किलोमीटर दूर जंगल में पहुंचे। उन्होंने अनाज और आर्थिक सहायता प्रदान की। हिन्दू सेना ने जनजाति कार्य विभाग से शिकायत की राष्ट्रीय हिन्दू सेना के जिला अध्यक्ष अनुज राठौर ने इस मामले को सरकार की योजनाओं का फेलियर बताया। उन्होंने कहा कि परिवार के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और समग्र आईडी जैसे सभी दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है। संगठन ने तत्काल पेंशन और राशन सुविधा बहाल करने के लिए जनजाति कार्य विभाग से शिकायत की है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने कहा कि जब शासन-प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तब संगठन ने मानवीय आधार पर मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हिन्दू सेना जल्द ही इस पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय जनजाति आयोग, जनजाति मंत्रालय और जिला कलेक्टर बैतूल से भी करेगी, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके।


