श्योपुर में सत्संग के दौरान घर में घुसकर मारपीट और महिलाओं से अभद्रता करने के विरोध में क्षेत्रीय बैरवा महासभा ने सोमवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और करीब एक घंटे तक नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग की। समाज ने दलितों के साथ अत्याचार बंद करो, बजरंग दल मुर्दाबाद के नारे लगाए। सत्संग के दौरान हंगामे का आरोप महासभा के पदाधिकारियों के अनुसार, यह घटना 4 जनवरी को वार्ड नंबर 11, अम्बेडकर नगर निवासी सीताराम बैरवा के घर पर हुई। उस समय वहां सत्संग चल रहा था। आरोप है कि बजरंग दल से जुड़े कुछ लोग जबरन घर में घुस आए और वहां मौजूद लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। साथ ही घर की महिलाओं और बेटियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। हंगामा बढ़ता देख जब मोहल्ले के लोग इकट्ठा हुए, तो आरोपी वहां से भाग निकले। 20 साल से हो रहा है आयोजन बताया गया कि सीताराम बैरवा पिछले 20 वर्षों से अपने घर पर सत्संग करते आ रहे हैं। इन आयोजनों में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता और प्रभु ईसा मसीह के जीवन पर विचार रखे जाते हैं। महासभा का कहना है कि यह संविधान के दिए गए अधिकारों के तहत है। अगर किसी को धर्मांतरण का शक था, तो उन्हें पुलिस या प्रशासन से जांच करानी चाहिए थी, न कि खुद कानून हाथ में लेकर मारपीट करनी चाहिए थी। तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, विधायक ने दिया समर्थन प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर की अनुपस्थिति में तहसीलदार मनीषा मिश्रा को ज्ञापन सौंपा गया। बाद में समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मिलकर भी पूरी घटना की जानकारी दी। इस मौके पर स्थानीय विधायक बाबू जंडेल भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और समाज का समर्थन करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। नामजद एफआईआर की मांग बैरवा महासभा ने प्रशासन से मांग की है कि घर में घुसकर हमला करने और महिलाओं से बदसलूकी करने वाले नामजद आरोपियों और उनके साथियों के खिलाफ तुरंत केस दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


