ब्यावर में गर्मी की शुरुआत से पहले ही पेयजल संकट गहरा गया है। घरों में नियमित और पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जबकि जलदाय विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को समय पर पानी के बिल भेजे जा रहे हैं।
इस स्थिति के कारण शहरवासियों को 300 से 500 रुपए प्रति टैंकर खर्च कर पानी खरीदना पड़ रहा है। विभागीय उदासीनता को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। कर्मचारी नहीं देते संतोषजनक जवाब
शहरवासियों का आरोप है कि जलदाय विभाग के अधिकारी फील्ड में कम ही दिखाई देते हैं। शिकायतकर्ता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग के कुछ कर्मचारी उनकी परेशानियों के प्रति उदासीन हैं और संतोषजनक जवाब नहीं देते। शिकायतों के बाद भी नहीं दे रहे ध्यान
गुरुवार सुबह गीता भवन गली और ओम नगर (प्रथम) क्षेत्र के निवासी बोतलों में गंदा और मटमैला पानी लेकर जलदाय विभाग पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि यह समस्या केवल उनके मोहल्ले तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग पूरे शहर में ऐसी ही स्थिति है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। 3-4 दिन में एक बार आता है पानी
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब भी पानी की आपूर्ति होती है, तो शुरुआत में बदबूदार और गंदा पानी आता है। यह पानी पीने के साथ-साथ घरेलू उपयोग के लिए भी अनुपयुक्त होता है। इसके अतिरिक्त, पानी का दबाव भी बेहद कम रहता है और जलापूर्ति 3 से 4 दिन के अंतराल पर की जा रही है। समाधान अब भी अधर में
गीता भवन क्षेत्र के लोगों ने बताया कि यदि यह मटमैला पानी विभाग का कोई कर्मचारी पी ले, तो आमजन को पीने में कोई आपत्ति नहीं होगी। इस पर मौके पर मौजूद फोरमैन सम्पत कटारिया ने कहा कि यह संभवतः कहीं की लीकेज का पानी है और पीने योग्य नहीं है, हालांकि “दिखवा लेते हैं” का आश्वासन दिया गया। कई दिनों से शिकायत के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि समस्या का स्थायी समाधान कब होगा। हर माह 3-4 टैंकर मंगवाने की मजबूरी
गंदे पानी और अनियमित आपूर्ति के चलते क्षेत्र के प्रत्येक परिवार को हर माह 3 से 4 टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जबकि सभी परिवार नियमित रूप से जल उपभोग का बिल भी जमा करा रहे हैं। अच्छी वर्षा के बावजूद हालात खराब
क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई कि इस वर्ष अच्छी वर्षा के कारण बीसलपुर बांध में भरपूर पानी उपलब्ध है, इसके बावजूद शहर में समय पर और स्वच्छ जलापूर्ति नहीं हो रही। लोगों का कहना है कि जब सर्दियों में यह स्थिति है, तो आने वाली गर्मियों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। आंदोलन की चेतावनी
लगातार अनदेखी से नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। कुछ नागरिकों का कहना है कि मौजूदा हालात रहे तो वर्ष 1994 के पानी आंदोलन की पुनरावृत्ति से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल आपूर्ति व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।


