भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री मारवाड़ी पंचायती बड़ा मंदिर श्री रघुनाथ चौक फव्वारा में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा में पंडित शुभम तिवारी जी ने बताया कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश भी पराम्बा भक्ति का स्मरण, पूजन और वंदन करते हैं। एक बार ब्रह्मा जी, नारायण जी के पास पहुंचे। देखा कि वे ध्यान में लीन हैं। ब्रह्मा जी ने पूछा कि जब पूरा संसार आपका ध्यान करता है, तो आप किसका ध्यान करते हैं। नारायण जी ने उत्तर दिया कि वे पराम्बा महामाया आदि शक्ति का स्मरण करते हैं। नारायण जी ने कहा कि शक्ति से ही संसार का पालन होता है। ब्रह्मा को सृजन की, विष्णु को पालन की और रूद्र को संहार की शक्ति पराम्बा भगवती से मिलती है। वेदांतियों के लिए भगवती ब्रह्मविद्या के रूप में पूजनीय हैं। भक्त, भक्ति के रूप में शक्ति का स्मरण करते हैं। उन्होंने बताया कि संसार का हर कार्य शक्ति से संचालित होता है। जैसे बिजली के बिना तार, लाइट, माइक और पंखे सब व्यर्थ हो जाते हैं, वैसे ही शक्ति के बिना शिव भी शून्य हैं। एक चित्र का उल्लेख किया गया जिसमें भगवान शिव लेटे हुए हैं और भगवती महाकाली उनके हृदय पर स्थित हैं। इसका अर्थ है कि शिव में जो ‘इ’ है, वही शक्ति है। ‘इ’ हट जाए तो शिव, शव बन जाते हैं। गुरुत्वाकर्षण भी शक्ति है। पृथ्वी को आकाश में स्थिर रखने के लिए आधार शक्ति ही है। शक्ति दिखाई नहीं देती, लेकिन सारा कार्य उसी से होता है।


