विशेष संवाददाता | रांची वृंदावन से प्रख्यात कथावाचक निर्मान मोहन दास के अनुसार श्रीमद् भागवत कथा में अजामिल का महत्वपूर्ण प्रसंग है। ब्राह्मण अजामिल के जीवन और मृत्यु के समय की कहानी है। कथा के अनुसार अजामिल एक पापी और दुराचारी व्यक्ति था और गलत रास्ते पर चल रहा था, लेकिन जब उसकी मृत्यु का समय आया तो उसने भगवान नारायण का नाम लिया और यमदूतों से भगवान नारायण के नाम के कारण बचा लिया गया। इस कथा से यह शिक्षा मिलती है कि भगवान की कृपा किसी भी व्यक्ति पर हो सकती है भले ही वह कितना भी पापी क्यों ना हो। बरियातू हाउसिंग कॉलोनी के सीताराम महावीर मंदिर के पीछे गुलमोहर पार्क में श्री नारायण ज्योति सेवा ट्रस्ट के संस्थापक आचार्य राधेश्याम बाबा के सानिध्य में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन व्यास पीठ पर विराजित निर्मान मोहन दास ने कहा कि भगवान का नाम सभी प्रकार के पापों से जीव को मुक्त कर देता है। उन्होंने कहा कि भगवान ने धर्म स्थापना के लिए और मानवता को शिक्षा देने के लिए श्रीराम के रूप में अवतार लिया और श्री कृष्ण भगवान ने अपने भक्तों की रक्षा के लिए अपनी मधुर लीलाओं के द्वारा आनंद देने के लिए ब्रज में अवतार लिया। यजमान जितेंद्र कुमार महेंद्रु और अंकित सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन और आरती के साथ कथा की शुरुआत हुई।


