श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में वृंदावन से आए जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज के सानिध्य में चार दिवसीय सहास्त्रार्चन का शुभारंभ हुआ। उन्होंने संकल्प कराया और पूजन शुरू किया। सोमवार को सुबह 8 बजे महाराजश्री के सहयोगी श्रीगोविंद दास और मंदिर संचालन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राम अवतार नारसरिया ने धर्मप|ी शारदा नारसरिया के साथ मंत्रोचारण के बीच संकल्प लिया। उस समय मौजूद अन्य यजमानों ने भी नाम-गोत्र से संकल्प लिया। मंदिर सहस्त्रनाम मंत्रोचारण की ध्वनि से गूंजता रहा और माहौल भक्ति में डूबा रहा। मंत्रोचारण की गूंज में हजारों भक्तों ने चार पालियों में सहस्त्रनाम पाठ किया। यह बैकुंठोत्सव गुरुवार तक चलेगा। जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि बैकुंठ एकादशी के दिन बैकुंठ द्वार से प्रवेश करके जो भक्त भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के दर्शन करते हैं उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। भगवान श्रीलक्ष्मी वैंकटेश्वर सभी मनोरथ पूरे करते हैं। मंदिर के प्रबंधक रंजन सिंह ने बताया कि भक्तों की भीड़ को देखते हुए उनकी सुविधा के लिए चार पालियों में सुबह 8 बजे, 10 बजे और शाम में 4.30 बजे और 6 बजे धार्मिक अनुष्ठान कराने की व्यवस्था की गई है। श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर के सारे अनुष्ठान श्रीधाम वृंदावनधाम से आए श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज के सान्निध्य में होंगे। धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के अर्चकों सत्यनारायण गौतम, गोपश आचार्य, नारायण दास और वृंदावन से आए कृष्णानंद रामानुजदास ने विधिवत संपन्न कराए। प्रबंधक रंजन सिंह ने बताया िक आज पहले दिन यजमान की भूमिका विनय गुप्ता, मुकेश गुप्ता, पूर्णिमा सिंह, सुजीत कुमार, मुकुंती देवी, कन्हैया मिश्र, राजकुमार मित्तल, प्रेम सिंह, मुस्कान कुमारी और दीपू श्रीवास्तव ने निभाई। बालाजी मंदिर में चार दिवसीय बैकुंठ महोत्सव शुरू


