गुमला| केंद्रीय महावीर मंडल समिति के संरक्षक रमेश कुमार चीनी ने घाघरा प्रखंड में केंद्रीय महावीर मंडल घाघरा के द्वारा रामनवमी पर्व नहीं मनाए जाने की घोषणा पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जिस प्रखंड में पूरे सौहार्द व भाईचारा के साथ 70 वर्षों से रामनवमी जुलूस निकलता रहा है। वहां पर्व नहीं मनाने की घोषणा से वे हतप्रभ है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के समय की घटना को लेकर लोगों में नाराजगी है। प्रशासन समिति की नाराजगी दूर करें। उन्होंने आवश्रूत करें कि प्रशासन उनकी सुरक्षा व सहयोग की जिम्मेवारी निभाएंगे। किसी स्थिति में एक पक्षीय कार्रवाई नहीं की जाएगी। समिति भी सनातनियों के इस महान पर्व के उल्लास में लग जाएं और शांतिपूर्ण व सौहार्द के साथ रामनवमी का आयोजन करें ताकि भक्त आस्था के सागर में डुबकी लगा सकें। कोलेबिरा | कोलेबिरा प्रखंड के भंवर पहाड़गढ़ स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर परिसर में अमरनाथ सिंह की अध्यक्षता पर दो दिवसीय वार्षिक धार्मिक अनुष्ठान आयोजन करने के लिए बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया। बैठक में सर्व समिति से निर्णय लिया गया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में दो दिवसीय वार्षिक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान आयोजन करने के लिए तिथि का भी निर्धारण किया गया। जिसमें 11 अप्रैल दिन शुक्रवार को कलश यात्रा निकाली जाएगी। तत्पश्चात दोपहर 1:30 बजे से अखंड हरी कीर्तन का आयोजन होगा। 12 अप्रैल दिन शनिवार को अखंड हरी कीर्तन का समापन एवं भंडारे का आयोजन होगी। अखंड हरी कीर्तन में सिमडेगा जिले के विभिन्न कीर्तन मंडली भाग लेगी. बैठक में मुख्य रूप से दिलेश्वर सिंह, जनेश्वर बिल्हौर, रूपधर सिंह, तपेश्वर सिंह, अभिमन्यु सिंह, गौरी प्रसाद सिंह, अजय खड़िया वीरेंद्र सिंह के अलावे अन्य लोग उपस्थित थे। गुमला| गुमला सरना समिति के जिलाध्यक्ष हंदू भगत ने सरहुल को ऐतिहासिक बनाने की अपील की है। कहा है कि प्रकृति पर्व सरहुल में गांव-गांव के खोड़हा दल शोभायात्रा में शामिल हो और एकता प्रदर्शन करते हुए इस शोभायात्रा को ऐतिहासिक व अदभुत बनाने में सहयोग करें। उन्होंने अपील की कि शोभायात्रा में नशापान का सेवन बिल्कुल भी न करें। अपने पारंपरिक वेशभूषा के साथ सभ्यता व संस्कृति के महत्व को बरकरार रखते हुए शामिल हो। उन्होंने प्रशासन से भी प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर करने की मांग की। कहा कि यह पर्व नए वर्ष की शुरूआत का प्रतीक है। जो धरती माता को समर्पित है। इस बार एक अप्रैल को शहर में शोभायात्रा निकलेगी।


