भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 377/24 में भाजपा नेता विभाकर पांडेय को अभियुक्त बनाए जाने पर विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा नेताओं ने गुरुवार को एसपी डॉ विमल कुमार को पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कहा कि निर्दोष लोगों को तुष्टिकरण के तहत फंसाया गया है। 21 दिसंबर को चिलगा गांव निवासी दामोदर यादव पर एक समुदाय विशेष के अपराधियों ने चाकू से हमला किया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण 22 दिसंबर को थाना गेट के पास धरने पर बैठ गए। वे दोषियों की गिरफ्तारी और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे थे। धरना शांतिपूर्ण रहा। मौके पर प्रशासन के साथ कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। भीड़ को शांत करने में विभाकर पांडेय ने भी सहयोग किया। धरना समाप्त होने के बाद लोग शव लेकर लौट गए। कहीं कोई पथराव या हिंसा नहीं हुई। कानून व्यवस्था बनी रही। इसके बावजूद विभाकर पांडेय और पीड़ित पक्ष के कुछ लोगों को अभियुक्त बना दिया गया। प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई। सक्षम पदाधिकारी को पूरी घटना की जानकारी दी गई। फिर भी मामला जस का तस है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्दोषों को मुकदमे से मुक्त किया जाए। ऐसा नहीं होने पर भाजपा गिरिडीह जिला इकाई संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। मांग सौंपने वालों में भाजपा िजला मंत्री उषा कुमारी, विनय कुमार सिंह, अधिवक्ता चुन्नुकांत, दिनेश यादव, नवीन सिन्हा व कामेश्वर पासवान आदि थे।


