बूंदी के नैनवां क्षेत्र में देवनारायण भगवान के मेले में पहुंचे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर ने युवाओं, संगठनात्मक चुनौतियों और अपनी विचारधारा पर विचार साझा किए हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव और पार्टी के लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। माहुर ने बताया कि उन्होंने विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा में सक्रिय रहकर युवाओं की भावनाओं, आकांक्षाओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं से उत्पन्न निराशा को गहराई से समझा है। उनकी प्राथमिकता युवाओं को अधिकतम रोजगार के अवसर दिलाना और उन्हें हर वर्ग से जोड़ना है। उनका मानना है कि पार्टी युवाओं को प्रदेश टीम में सहभागिता का अवसर देकर उनकी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करेगी। संगठनात्मक चुनौतियों पर बात करते हुए, माहुर ने बूंदी में गुटबाजी की चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के संघर्ष और समर्पण से इन चुनौतियों पर काबू पाकर संगठन को मजबूत बनाया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उन्हें ओबीसी वर्ग का प्रभारी बनाए जाने को उन्होंने एक महत्वपूर्ण दायित्व बताया। उनका लक्ष्य इस वर्ग को पार्टी और उसकी विचारधारा से जोड़ना है। हाड़ौती क्षेत्र और धाकड़ समाज से जुड़ाव के सवाल पर, नेता ने किसी विशेष समाज के पार्टी से कटने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक जन-आधारित पार्टी है और आने वाले चुनावों में सभी समुदाय पार्टी से जुड़े रहेंगे। उन्होंने हाड़ौती को पार्टी का गढ़ बताया और इसे मजबूत बनाने के लिए निरंतर काम करने की बात कही। RSS प्रशिक्षण से हुई सफर की शुरुआत माहुर का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा और प्रशिक्षण से शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा में विभिन्न संगठनात्मक पदों जैसे नगर मंत्री और प्रदेश मंत्री के रूप में कार्य किया। अपने 28 वर्षों के राजनीतिक सफर में, उन्होंने हर भूमिका को उत्साह और पूर्ण समर्पण के साथ निभाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी योग्यता के आधार पर जिम्मेदारी देती है, और वे देश के विकास के लिए किसी भी भूमिका में काम करने को तैयार हैं।


