भास्कर संवाददाता | पाली भाजपा के संगठन के पुनर्गठन के तहत जिले के 1600 से अधिक बूथों पर अध्यक्षों बनाए जा चुके हैं। इसके बाद मंडल अध्यक्षों की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह जिला होने के चलते दावेदारी बढ़ी हुई है। राठौड़ के लिए सभी को साधना बड़ी चुनौती होगी। लिहाजा इस बार चौंकाने वाला नाम भी हो सकता है। अभी पाली में 40 मंडल हैं। सबसे अधिक पाली विधानसभा के मंडलों को लेकर कार्यकर्ताओं सक्रियता दिख रही है। इसके साथ ही पाली शहर के तीन मंंडलों को भी कार्यकर्ता जुटे हैं। संगठन के गठन को लेकर इस बार गाइडलाइन तय की गई है कि जिसमंे मंडल अध्यक्ष के लिए 45 वर्ष तक की उम्र ही मान्य है। मंडल में पदाधिकारी होना जरूरी है। सक्रिय सदस्य भी रहना होगा। जिलाध्यक्ष के लिए 45 से 60 आयु वर्ग की गाइडलाइन : जिलाध्यक्ष के लिए 45 से 60 वर्ष आयुवर्ग तय है। माना जा रहा है कि आम सहमति से जिलाध्यक्ष का चुनाव होगा। जिलाध्यक्ष 6 वर्षों से सक्रिय सदस्य होना आवश्यक है। जिस पर अनुशासनात्मक कार्यवाही पूर्व में हुई हो, वह जिलाध्यक्ष नहीं बन सकेगा। संगठन स्तर पर जिलाध्यक्ष के लिए सुनील भंडारी, संजय ओझा, मोहन जाट, त्रिलोक चौधरी, सुरेश चौधरी जैसे नाम भी चर्चा में हैं।


