कहा, मूंगफली खरीदारी से 32436 किसान वंचित, जिलों में गिरोह सक्रिय हैं, करोड़ों का घोटाला, जांच कराने की मांग पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने 6 फरवरी से विधानसभा के सामने धरने की चेतावनी दे रखी है। भाटी आईपीएस प्यारेलाल शिवरान की बीकानेर एसीबी पोस्टिंग का विरोध कर रहे हैं। धरना शुरू होने से ठीक एक दिन पहले उनके पोते और कोलायत विधायक अंशुमानसिंह भाटी ने विधानसभा में किसानों की समस्या उठाकर सहकारिता मंत्री के सामने मुश्किल खड़ी कर दी। नियम 295 के तहत बुधवार को अंशुमान सिंह ने चर्चा करते हुए कहा कि बीकानेर की खरीफ फसल मूंगफली का वर्ष 2024-25 में कुल बिजान क्षेत्र व संभावित उत्पादन का आंकलन राजस्व एवं कृषि विभाग ने किया था। फिर भी प्रत्येक वर्ष की भांति मूंगफली फसल खरीद केन्द्र पर आने के बाद बारदाना, लेबर, भण्डारण की कमी से तुलाई रूक जाती है। हैरानी की बात ये कि कोई जवाबदेही भी तय नहीं हो रही। 18 नवंबर से 90 दिन तक खरीद की जानी है। जिसके कारण लगभग 32436 वंचित काश्तकारों को अभी खरीद का इंतजार है। विभाग के पास पहले से सभी आंकड़े उपलब्ध होने के बावजूद भी बारदाना, क्यूआर कोड व भंडारण की व्यवस्था नहीं की गयी। राजफैड की समय पर खरीद की सूचना के बाजवूद राजस्थान के अधिकांश जिलों में टेण्डर प्रक्रिया के बाद खरीद की जा रही है लेकिन बीकानेर में शर्तों की जटिलता के कारण टेंडर तक नहीं हुआ। गिरोह की गिरफ्त में है मूंगफली खरीद अंशुमान सिंह ने कहा कि मूंगफली खरीद केन्द्रों पर जिला स्तर पर गिरोह काम कर रहा है। पटवारी से मिली भगत कर फर्जी गिरदावरी, बटाईदार प्रमाण पत्र से राजफैड से टोकन कटवाकर करोड़ों रुपए का घोटाला हो रहा है। खरीद केन्द्रों पर बार-बार बारदाना खत्म होने से मजदूरों की कमी, जिन्स में नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण काश्तकारों के फसल तुलाई में ज्यादा समय लगने के कारण काश्तकार को लगभग 10-15 दिनों तक वाहनों के किराया, भोजन, रहने से काफी खर्चा लग रहा है। इसलिए सहकारिता मंत्री मूंगफली खरीद में हो रहे कथित भ्रष्टाचार के लिए राज्य सरकार द्वारा विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें।


