भानुप्रतापपुर में परिवहन संघ पिछले 15 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। कच्चे माइंस से परिवहन कार्य कम मिलने के विरोध में संघ ने अब भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। परिवहन संघ का कहना है कि कच्चे माइंस में आयरन ओर के डिस्पेच का 36 प्रतिशत परिवहन कार्य उन्हें मिलना चाहिए। लेकिन माइंस प्रबंधन भेदभाव कर रहा है। पहले जहां 110-120 ट्रक लोड होती थी, वहीं अब सिर्फ 36 ट्रक लोड हो रही है। इससे ट्रक मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ट्रकों की किश्त जमा न होने से फाइनेंस कंपनियां ट्रकों को जब्त कर रही हैं। ट्रक न चलने से इससे जुड़े परिवारों पर आर्थिक संकट आ गया है। संघ के पांच सदस्यों ने भूख हड़ताल शुरू की है। परिवहन संघ के सदस्य श्याम शुक्ला ने चेतावनी दी है कि अगर 13 जून तक उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो वे तहसील कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे। शासन-प्रशासन और माइंस प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। संघ का आरोप है कि माइंस प्रबंधन स्थानीय परिवहन संघ की उपेक्षा कर रहा है और नियमों का पालन नहीं कर रहा है। आर्थिक संकट से हो चुके है परेशान हिमांशु ठाकुर ने बताया कि माइंस प्रबंधन बाहरी एजेंटों को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। संघ का आरोप है कि लंबे समय से काम ठप होने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और गाड़ियां एजेंटों द्वारा खींची जा रही हैं। मांग पूरा ना होते तक जारी रहेगा तड़ताल परिवहन संघ द्वारा इस मामले में कई बार शासन और प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्यवाही नहीं की गई है। संघ ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। भूख हड़ताल के तहत हर दिन पांच अलग-अलग सदस्य भाग लेंगे।


