भारत माला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाला में EOW की रिमांड पर चल रहे आरोपी हरमीत सिंह खनूजा को शुक्रवार को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया । दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्टमें हरमीत को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वही इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपी उमा तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद है। इस मामले में EOW लगातार जांच कर रही है। हरमीत खनूजा से पूछताछ के दौरान EOW घोटाले से कई जानकारियां मिली है। EOW की टीम जल्द ही इस मामले में अन्य लोगों की गिरफ्तारी कर सकती है। दशमेश डेवलपर्स के ऑफिस में मारा छापा था ACB-EOW ने कुछ दिनों पहले तेलीबांधा स्थित दशमेश डेवलपर्स के ऑफिस में दबिश दी। जहां ऑफिस में 5-6 अफसर दस्तावेजों की जांच की थी मुआवजा राशि गड़बड़ी में दशमेश इन्स्टा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का डायरेक्टर हरमीत खनूजा EOW की गिरफ्त में है। जमीन और फ्लैट में किया गया निवेश पिछले दिनों रिमांड में लिए गए 4 आरोपियों से EOW ने अधिकारियों ने पूछताछ की, इसमें प्रारंभिक जांच में यह बात समाने आई है कि भ्रष्टाचार के पैसों को जमीन, मकान और फ्लैट में निवेश किया गया है। घोटाले में शामिल अधिकारियों ने रिश्तेदारों के नाम से जमीन खरीदी है। और ब्लैक मनी को वाइट में कन्वर्ट किया है। हरमीत की भूमिका मुख्य EOW की टीम ने दशमेश इन्स्टा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से कई दस्तावेज जब्त कर अपने साथ ले गई है। इनमें कई डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए है। जांच में यह बात सामने आई कि यह कंपनी तहसीलदार मनप्रीत कौर के पति हरमीत सिंह खनूजा और एसडीएम शशिकांत कुर्रे की पत्नी भावना कुर्रे की कंपनी है। हरमीत खनूजा और भावना दोनों कंपनी के डायरेक्टर हैं। पूरे मामले में हरमीत की भूमिका सबसे मुख्य है। हरमीत ने ही अधिकांश किसानों से संपर्क कर। उन्हें मुआवजे से ज्यादा पैसा दिलाने का झांसा दिया और उसने जमीन खरीदी थी। जानिए कैसे हुआ घोटाला ? भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। इस केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से अधिक राशि की गड़बड़ी का आरोप है। जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ रुपए पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है। जानिए क्या है भारतमाला परियोजना? भारतमाला परियोजना एक राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना हैं, जो भारत सरकार की है। इसके तहत नए राजमार्ग के अलावा उन परियोजनाओं को भी पूरा किया जाएगा जो अब तक अधूरे हैं। इसी के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक करीब 463 किमी लंबी नई फोरलेन सड़क बनाई जा रही है।


