भारत-पाकिस्तान बॉर्डर इलाके रेल लाइन से जुड़ेंगे:राजस्थान के चार जिलों में सर्वे, रेल मंत्रालय रिपोर्ट पर करेगा फैसला

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे राजस्थान के चार जिलों (श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर) में रेल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे बड़े स्तर पर नए रेल रूट्स का सर्वे कर रहा है। अनूपगढ़ (श्रीगंगानगर) से खाजूवाला (बीकानेर) होते हुए जैसलमेर-बाड़मेर तक ट्रैक बिछाने से सीमा सुरक्षा मजबूत होगी। वहीं पचपदरा रिफाइनरी (बालोतरा) के कारण बाड़मेर रेलवे विकास के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है। बाड़मेर पहुंचे उत्तर पश्चिम रेलवे के जीएम उत्तर पश्चिम रेलवे के जनरल मैनेजर अभिताभ दो दिवसीय दौरे पर बाड़मेर पहुंचे। उन्होंने कहा-उत्तर पश्चिम रेलवे देश के अंतिम छोर पर स्थित है। बाड़मेर से कुछ दूरी पर मुनाबाव आता है, जिसके आगे भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा समाप्त हो जाती है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाना बेहद अहम है और इसी दिशा में लगातार नए कार्य किए जा रहे हैं। अमृत भारत स्कीम के तहत बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर प्रस्तावित कार्य पूरे हो चुके हैं। जनरल मैनेजर अभिताभ ने बताया- भाभर (गुजरात) रेल लाइन सर्वे कार्य स्वीकृत है और बॉर्डर रेल कनेक्टिविटी योजना का हिस्सा है। क्षेत्र ज्यादातर रेतीला है और कहीं भी पहाड़ी इलाका नहीं है, जिससे निर्माण की संभावनाएं बेहतर हैं। सर्वे रिपोर्ट जल्द ही रेल मंत्रालय को सौंपी जाएगी। पचपदरा रिफाइनरी से बढ़ेंगी रेलवे विकास की संभावनाएं पचपदरा में रिफाइनरी के निर्माण से बाड़मेर क्षेत्र में रेलवे विकास की अपार संभावनाएं बन रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में रेलवे के हर सेक्टर में रिकॉर्ड विकास कार्य हुए हैं और आने वाले समय में इसका असर सीमावर्ती जिलों में भी साफ नजर आएगा। बाड़मेर से चलेंगी लंबी दूरी की ट्रेनें बाड़मेर में रेलवे यार्ड और रीमॉडलिंग का कार्य प्रस्तावित है। आवश्यक स्वीकृति मिलने और कार्य पूरा होने के बाद बाड़मेर से लंबी दूरी की रेलगाड़ियों का संचालन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बाड़मेर और आसपास का इलाका रेलवे के नए रूप में उभरकर सामने आएगा। कर्मचारियों की समस्याओं पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान जीएम ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, यात्री सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही यात्रियों से बातचीत कर सुझाव भी सुने। इसके अलावा लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और संचालन से जुड़े कर्मचारियों से भी बातचीत की। कर्मचारियों ने हॉस्पिटल सुविधाओं और स्टाफ की कमी से संबंधित मुद्दे उठाए। जनरल मैनेजर अभिताभ ने बताया- ट्रैफिक बढ़ने के अनुपात में स्टाफ की कमी सामने आई है और इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।

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