भीलवाड़ा में नगर निगम बनने के बाद आज पहली बार बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। महापौर राकेश पाठक की अध्यक्षता में शनिवार शाम भीलवाड़ा के टाउन हॉल में बोर्ड बैठक आयोजित की गई, जिसमें करीब 411 रुपए करोड़ का बजट पेश हुआ। बैठक के दौरान पार्षदों ने शहर में मीट की दुकानों को लाइसेंस देने की बात पर हूटिंग और नारेबाजी की। साथ ही साफ- सफाई के मुद्दों को छोड़कर बोर्ड बैठक शांति से संपन्न हुई। करीब ढाई घंटे चली बोर्ड बैठक में 411 करोड रुपए के बजट से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई । नगर निगम भीलवाड़ा की बोर्ड बैठक आज नगर निगम कार्यालय के सभागार में संपन्न हुई। भीलवाड़ा नगर परिषद के नगर निगम बनने के बाद पहली बार इस बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बोर्ड बैठक की शुरुआत पद्मश्री जानकी लाल भांड और सांसद दामोदर अग्रवाल के स्वागत के साथ की गई। सांसद अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में शहर के हर संभव विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप आगामी वर्षों में भीलवाड़ा को किस तरीके से रोल मॉडल बनाया जाए, इस पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा शहर के विकास के लिए वो हर आम नागरिक के लिए साथ हर समय उपलब्ध है। बोर्ड बैठक की शुरुआत महापौर राकेश पाठक ने निगम के बजट से संबंधित जुड़ी जानकारी के साथ की। बोर्ड बैठक के दौरान 22 बिंदुओं पर चर्चा की गई और सभी बिंदुओं पर पक्ष-विपक्ष की सहमति रही। इस दौरान नगर निगम भीलवाड़ा क्षेत्र में मीट लाइसेंस दिए जाने को लेकर एसओपी का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के पार्षद आपस में उलझ पड़े। पार्षदों के बीच कुछ देर नोक-झोंक हुई। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए और दोनों दल के पार्षदों ने अपने-अपने नेताओं के नाम के नारे लगाए। करीब 10 मिनट चला हंगामा महापौर पाठक की समझाइश के बाद शांत हुआ। इधर बोर्ड बैठक के अंत में निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी ने अपनी कुछ बातें सदन के सामने रखी तो पुर के पार्षद ने विरोध किया। पार्षदों ने टीम अशोक कोठारी के खिलाफ भी नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के कार्यों को टीम कोठारी अपने कार्य बता कर प्रसारित कर रही है। साथ ही उन्होंने नगर निगम द्वारा आयोजित की गई कबड्डी प्रतियोगिता का भी टीम कोठारी द्वारा विरोध करने का आरोप लगाया, लेकिन इसे साबित नहीं कर पाए । करीब ढाई घंटे चली बोर्ड बैठक का राष्ट्रगान के साथ समापन किया गया। बोर्ड बैठक में नगर निगम आयुक्त हेमाराम, नेता प्रतिपक्ष धर्मेंद्र पारीक, उपसभापति रामलाल योगी मंच पर मौजूद रहे। निगम के 70 पार्षदों ने सदन को अपने-अपने बिंदुओं से अवगत कराया।


