भोपाल के डॉ. पार्थ शर्मा की फोटो वॉट्सऐप ग्रुपों में रियल लाइफ हीरो हैश टैग के साथ वायरल हो रही है। इसकी वजह उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पित चिकित्सकीय जिम्मेदारी है। गुरुवार को दोपहर के समय भानपुर संजीवनी क्लिनिक में मौजूद एएनएम रानी यादव को एक कॉल आया। उन्हें जानकारी मिली की एक गर्भवती महिला तेज प्रसव पीड़ा से तड़प रही है। वे तत्काल मौके पर पहुंचीं, स्थिति की जानकारी उन्होंने क्लिनिक के डॉ. पार्थ शर्मा को दी। वे मौके पर पहुंचे तो महिला सीरियस स्थिति में थी। ऐसे में एम्बुलेंस को सूचना दी गई। लेकिन एम्बुलेंस को आने में देरी हो रही थी। दूसरी तरफ, हर बीतते मिनट के साथ महिला और उसके बच्चे की जान का जोखिम बढ़ता जा रहा था। ऐसे में डॉ. पार्थ ने फैसला लिया कि महिला को वे अपनी कार से अस्पताल पहुंचाएंगे। उनकी फास्ट डिसीजन टेकिंग एबिलिटी के कारण ना केवल गर्भवती को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका। बल्कि, मेडिकल फेसिलिटी में हुए प्रसव से मां और बच्चा दोनों सुरक्षा हैं। एक माह पहले हुआ प्रसव पीड़ा स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मालीखेड़ा निवासी महिला की संभावित प्रसव डेट जनवरी माह की थी। लेकिन, गुरुवार को लगभग एक महीने पहले ही अचानक से उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। इसकी जानकारी स्थानीय एएनएम रानी यादव को मिली। उन्होंने ही संजीवनी क्लिनिक के चिकित्सक डॉ. पार्थ शर्मा को इसकी जानकारी दी। डॉ. शर्मा बिना देरी किए अपने निजी वाहन से गर्भवती के घर पहुंचकर महिला की जांच और प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। इसी दौरान एम्बुलेंस को सूचना दे दी गई थी। इधर, महिला लगातार असहनीय पीड़ा होने की बात कह रहीं थी। ऐसी स्थिति में हर एक मिनट अहम माना जाता है। जिसे देखते हुए डॉ. शर्मा ने बिना देर किए अपने वाहन से महिला को उच्च स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचाया, जहां महिला ने शिशु को जन्म दिया है। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि समय रहते गर्भवती महिला को जरूरी इलाज मिल गया। इसके साथ ही उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला और शिशु दोनों स्वस्थ हैं। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, डॉक्टर का होगा सम्मान विभाग ने गुरुवार शाम इस पूरे घटना क्रम की आधिकारिक जानकारी जारी की। जिसमें कहा गया है कि डॉ. पार्थ ने चिकित्सकीय दायित्व और मरीजों के हितों को प्राथमिकता देने का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिसके लिए उनका और एएनएम रानी यादव का सम्मान किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने कहा कि यह कार्य त्वरित निर्णय, निस्वार्थ सेवा और समर्पित चिकित्सकीय जिम्मेदारी का सशक्त प्रतीक है।


