भोपाल चैंबर चुनाव-फैसले की घड़ी…12 बजे तक नतीजे आएंगे:60 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला; गोयल-पाली में से कोई एक बनेगा अध्यक्ष

भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के चुनाव में मैदान में उतरे 60 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला आज, सोमवार को होगा। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई है और दोपहर 12 बजे तक नतीजे सामने आने लगेंगे। दोपहर 2 बजे तक पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। गोविंद गोयल और तेजकुलपाल सिंह पाली में से कोई एक चैंबर का नया अध्यक्ष बनेगा। चैंबर भोपाल के व्यापारियों की बड़ी संस्था है, इसलिए सभी एसोसिएशनों का भी इसे समर्थन मिला है। इस बार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद गोयल के मैदान में उतरने से चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है। रविवार को मतदान हुआ, जिसमें कुल 2 हजार व्यापारियों ने वोट डाले। इनमें टेंडर और पोस्टल बैलेट भी शामिल हैं। अध्यक्ष पद के लिए गोयल और पाली के बीच सीधा मुकाबला रहा। दोनों ही इस पद के दावेदार हैं। करीब 170 सदस्यों की टीम ने मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई, जो सोमवार को मतगणना भी कराएगी। पर्यवेक्षक डॉ. पीसी कोठारी और सीएम वैभव जैन ने बताया कि सुबह 8 बजे से पॉलीटेक्निक कॉलेज चौराहा स्थित मानस भवन में मतगणना शुरू हुई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम है। श्यामला हिल्स थाने से मतपेटियां लाने के बाद वोटों की गिनती की जा रही है। व्यापारियों को आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष किया जाएगा। मेनिफेस्टो में किए गए वादों पर अमल कर व्यापारियों की सेवा की जाएगी। वोटिंग की तस्वीरें देखिए अध्यक्ष के दोनों प्रत्याशियों का दावा… भोपाल को राष्ट्रीय स्तर का लॉजिस्टिक हब बनाएंगे – गोयल उन्नति पैनल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार गोविंद गोयल ने कहा कि चैंबर और व्यापारिक समुदाय में जातिवाद और वर्गभेद की सोच पनप रही है। इससे हमारी एकता और सामूहिक विकास को खतरा है। एक-दूसरे के सम्मान और सहयोग से ही व्यापारियों की आवाज मजबूत होगी। गोयल ने कहा कि भोपाल को राष्ट्रीय स्तर का लॉजिस्टिक हब बनाने के साथ-साथ थोक फार्मा और मेडिकल ट्रेड का केंद्र विकसित करने का लक्ष्य है। युवा व्यापारियों के लिए स्टार्टअप और नए सेक्टर में निवेश से जुड़े सेमिनार आयोजित करने की योजना भी है। हेल्प डेस्क बनाएंगे– पाली प्रगतिशील पैनल के अध्यक्ष प्रत्याशी तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि चैंबर में करीब 6 हजार सदस्य हैं, लेकिन 2200 से अधिक सदस्य गतिविधि शुल्क जमा न होने के कारण मताधिकार से वंचित हैं। चुनाव जीतने के बाद ऐसे सदस्यों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट लागू करने और गतिविधि शुल्क कम करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि सभी व्यापारियों को मुख्यधारा में जोड़ा जा सके। जीएसटी, आयकर और नगर निगम से जुड़े मामलों के लिए चैंबर में स्थायी हेल्प डेस्क बनाई जाएगी।

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