भोपाल में पानी की टंकियां देखने पहुंचे कांग्रेसी:बरखेड़ा पठानी में गंदगी मिली; श्यामला हिल्स के फिल्टर प्लांट का पानी बड़ा तालाब में मिलते दिखा

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत हो गई। भोपाल में भी कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में नगर निगम का अमला मैदान में उतरकर न सिर्फ सैंपल ले रहा है, बल्कि वाल्व भी सुधार रहा है। इसी बीच मंगलवार को कांग्रेसी भी शहर की पेयजल टंकियों और फिल्टर प्लांट की जांच करने निकले। बरखेड़ा पठानी स्थित टंकी में गंदगी मिली तो श्यामला हिल्स के फिल्टर प्लांट का रा वाटर बड़ा तालाब में मिलते दिखा। इस पर कांग्रेसियों ने आपत्ति ली और तुरंत सुधार कराए जाने की चेतावनी दी है। गंदगी लापरवाही सामने आई- झूमरवाला
कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला ने गोविंदपुरा विधानसभा के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र स्थित टंकी पर चढ़कर निरीक्षण किया। वीडियो भी बनाया। इस दौरान टंकी के अंदर और आसपास गंदगी मिली। झूमरवाला ने कहा कि इसी टंकी से रोजाना हजारों लोगों को पीने का पानी सप्लाई होता है। दूषित पानी से संक्रमण और गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो इंदौर जैसी दुखद घटना यहां भी हो सकती है। इसके अलावा टंकी के आसपास गंदगी और शराबियों का जमावड़ा भी दिखाई दिया। झूमरवाला ने बताया कि भोपाल शहर की सभी टंकियों की तुरंत सफाई कराई जाए। यह वक्त चेतावनी देने का नहीं बल्कि तत्काल कार्रवाई का है। पानी जीवन है और जीवन के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकती। पार्षदों को बड़ा तालाब में पानी मिलते मिला
मंगलवार सुबह नगर निगम के कांग्रेसी पार्षद श्यामला हिल्स स्थित वाटर फिल्टर प्लांट पहुंचे। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्‌डू चौहान, मो. जहीर आदि मौजूद थे। नेता प्रतिपक्ष जकी ने बताया कि श्यामला हिल्स के फिल्टर प्लांट का पानी बड़ा तालाब में मिलते दिखा। बड़ा तालाब से ही शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई की जाती है। ऐसे में रा वाटर मिलना गलत है। जकी ने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चालू नहीं था। सिर्फ कागजी कार्रवाई ही देखने को मिली। रिपोर्ट भी नहीं मिली कि पानी का नियमित सैंपल लिया जाता है। केमिस्ट ग्रेजुएशन पास है। यह रसायन शास्त्र में ग्रेजुएट होना जरूरी है। पानी की गुणवत्ता भी सही नहीं मिली। पानी को फिल्टर करने में जो दिशा-निर्देशों का पानी जरूरी होता है, वह भी नहीं दिखा। महापौर ने ली बैठक, पानी-सीवेज की समीक्षा की
कांग्रेस के विरोध के बीच दोपहर में आईएसबीटी स्थित निगम ऑफिस में महापौर मालती राय ने जल एवं सीवेज को लेकर समीक्षा बैठक भी की। इसमें इंजीनियरों को जरूरी निर्देश दिए गए। एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग, सिविल इंजीनियर आरके त्रिवेदी भी मौजूद थे।

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