भ्रूण लिंग परीक्षण कराकर 6 माह बाद जबरन गर्भपात कराने का आरोप, जच्चा-बच्चा की मौत

पिंटो पार्क मे ब्याही एक महिला और उसकी नवजात बच्ची की मौत को लेकर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसमें ससुराल पक्ष के लोगों पर भ्रूण ​लिंग परीक्षण कराकर 6 माह की गर्भवती महिला का निजी अस्पताल में अबॉर्शन कराने का आरोप लगाया है। जिसमें जच्चा और नवजात बच्ची की मौत हो गई। महु निवासी जवरसिंह लोधी मंगलवार को परिवार के करीब 50 लोगों के साथ एसपी ऑफिस में पहुंचे, जिन्होंने लिखित आवेदन दिया। जवरसिंह ने बताया ​कि उन्होंने बेटी पल्लवी लोधी की शादी पिंटो पार्क निवासी हितेन्द्र उर्फ टिंका नरवरिया से 16 जनवरी 2024 में की थी। मगर शादी को कुछ समय बाद ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। वे पल्लवी से स्कार्पियो कार लाने के लिए कहते थे। मायके वालों का आरोप है कि पल्लवी ने उन्हें बताया था कि वह 5 महीने की गर्भवती है, और ससुराल वाले उसे जबरदस्ती गर्भ गिराने और अबॉर्शन कराने के लिए धमकाते हैं। 19 दिसंबर को 6 माह की गर्भवती पल्लवी को गोविंदपुरी के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। जहां उसका जबरन अबॉर्शन कराया गया। इस दौरान जच्चा पल्लवी खत्म हो गई, वहीं दूसरे दिन नवजात बच्ची ने भी दम तोड़ दिया। मायके वालों का आरोप है कि पल्लवी का भ्रूण लिंग परीक्षण भी कराया गया था। हालांकि वह इस बात का कोई भी सबूत पुलिस के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके। सीएसपी हिना खान ने बताया कि नवविवाहिता की मौत का मर्ग कायम हुआ है। पल्लवी के गर्भ में समस्या थी। इसलिए डॉक्टर ने ऑपरेशन का कहा था। 19 माह में 27 जनसुनवाई में दिए आवेदन सरकारी गली से नहीं हट पाया अतिक्रमण जनसुनवाई के लिए हर मंगलवार को सब काम छोड़कर मुख्यालय में बैठने वाले नगर निगम के अधिकारी लोगों की शिकायतों को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिंसी नाला नंबर दो में रहने वाले एक वृद्ध ने अपने घर के पीछे की सरकारी गली के ऊपर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए 19 माह में 27 जनसुनवाई में आवेदन दिए। हर बार निगम अधिकारियों ने उन्हें सख्त कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन भी ​दिया, लेकिन अतिक्रमण आज तक नहीं हट पाया है। इस बीच में वे महापौर व विधायक से भी अपनी गुहार लगा चुके हैं। जिंसी नाला नंबर दो में रहने वाले सुरेश बाबू शर्मा की उम्र 76 साल है। उन्हें अब भी भरोसा है कि निगम अधिकारी व्यस्तता के चलते कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन जब भी उन्हें समय मिलेगा वे कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि पहले तीन-चार बार अमला आकर मौका देख चुका है। 14 अक्टूबर को अतिक्रमणकर्ता को 6 घंटे का अंतिम नोटिस भी दिया था। उस समय अतिक्रमणकर्ता ने खुद ही ​अतिक्रमण हटाने का आश्वासन भी दिया था। इसके बाद निगम का अमला उन्हें चेतावनी देकर मौके से लौट गया। लेकिन अतिक्रमण अब तक नहीं हट पाया है। मंगलवार को जनसुनवाई में उन्होंने अपना शिकायती आवेदन निगमायुक्त अमन वैष्णव को दिया और निगमायुक्त ने इसे सिटी प्लानर पवन सिंघल को कार्रवाई के लिए दिया। उन्हें उम्मीद है कि निगमायुक्त के निर्देश के बाद अब कार्रवाई हो सकती है। वहीं, निगमायुक्त ने जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक आवेदक को सुनकर उनका नियमानुसार समय सीमा में निराकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने 16 लोगों की समस्याओं को सुना। वार्ड 35 में तिघरा से पानी की सप्लाई नहीं, अमृत की लाइन डलवाने की मांग वार्ड 35 के 30 से अधिक लोगों ने कलेक्टर के नाम पत्र सौंपा। इन्होंने कहा कि फालका बाजार में गैस गोदाम के पास वाले क्षेत्र में तिघरा का पानी नहीं आता है। क्योंकि यहां पर अमृत की लाइन ही नहीं डाली गई है। क्षेत्र के रहवासियों ने कहा कि उनके क्षेत्र में अमृत की लाइन डलवाई जाए ताकि लोगों को शहर के अन्य क्षेत्रों की तरह तिघरा का पानी मिल सके। अपर कलेक्टर ने यह आवेदन नगर निगम के कार्यपालन यंत्री के पास भेज दिया है। कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में कुल 128 आवेदक पहुंचे, इनमें से 67 के आवेदन दर्ज किए गए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *