मंडला में कांग्रेस ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर पत्रकार से दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीएचई मंत्री संपतिया उइके और मंडला सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते के बंगले का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने घंटा-घंटी बजाकर मोहन सरकार और कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बंगले के आसपास बेरिकेड्स लगाए थे। फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछारें भी की गईं, लेकिन कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़कर बंगले तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर जोर आजमाइश भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटा-घंटी बजाई, “जय श्रीराम” के नारे लगाए और बंगले के सामने भजन-कीर्तन किया। उन्होंने सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए कुछ समय तक मौन भी रखा। कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि इंदौर जैसे स्वच्छ शहर में दूषित पानी से लोगों की मौत होना गंभीर विषय है। उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकारों के प्रति अभद्र भाषा के प्रयोग को जनभावनाओं का अपमान और संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। मर्सकोले ने कहा कि घंटा-घंटी बजाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया गया है और कैलाश विजयवर्गीय से मंत्री पद से इस्तीफा देने तथा उन्हें पार्टी से हटाने की मांग की गई है। मध्य प्रदेश के लिए कलंक बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने इस घटना को मध्य प्रदेश के लिए कलंक बताया। उन्होंने कहा कि इंदौर में 16 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 2000 से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं। पट्टा ने यह भी आरोप लगाया कि मंडला जिले के वार्डों और ग्राम पंचायतों में भी लोग सीवर मिला दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि सरकार जल जीवन मिशन की बात करती है लेकिन दूषित पानी से हो रही मौतों पर चुप है। इस प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले और विधायक नारायण सिंह पट्टा के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। प्रदर्शन की अन्य तस्वीरें…


