भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण ब्लाक में एक चतुर्थ वर्ग के नक्सल पीड़ित कर्मचारी को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। कर्मचारी आलोक पोड़ियामी ने मंडल संयोजक और आश्रम के अधीक्षक पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। कर्मचारी पोड़ियामी ने बताया मैं एक नक्सल पीड़ित हूं मेरे पिता जयसिंह पोड़ियामी को 2007 में तुमकपाल सरपंच रहने के दौरान नक्सलियों द्वारा मार दिया गया था। तब मुझे नक्सल पीड़ित होने के कारण नौकरी दी गई और सुरक्षा की दृष्टि से 2015 में नौकरी में पदस्थ करते हुये ब्लाक मुख्यालय कटेकल्याण के पोस्टमैट्रिक बालक छात्रावास में पदस्थ किया गया। मैं पिछले 1 वर्ष से बीमारी से पीड़ित हूं मेरी माता (65) वृद्ध हैं। दो छोेटे बच्चे हैं। मंडल संयोजक धीरज नाग और अधीक्षक प्रीमैट्रिक बालक छात्रावास कटेकल्याण द्वारा मुझे बेवजह परेशान किया जा रहा है। मंडल संयोजक कटेकल्याण धीरज नाग द्वारा मुझसे 30 हजार रुपए मांगा गया लेकिन मैं एक छोटा कर्मचारी होने के कारण उन्हें नहीं दे पाया तब से मुझको कटेकल्याण से हटाने की धमकी देने लगे। मुझे गलत तरीके से गोपनीय रूप से मेरा स्थानांतरण गीदम ब्लाक करवा दिया गया है। षड़यंत्र पूर्वक माह जून का मेरा वेतन भी रुकवाया गया जबकि माह जून में संस्था बंद होने पर भी मेरे द्वारा नियमित ड्यूटी की गई जिसका प्रमाण मेरा उपस्थिति पंजी है। मंडल संयोजक धीरज नाग ने कहा ट्रांसफर मेरे द्वारा नहीं करवाया गया है, ट्रांसफर मैं कैसे कर सकता हूं। इसके अलावा पैसे लेने का आरोप भी झूठा है।


