कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटसरा न रविवार को अलवर में बीजेपी के दो-दो मंत्रियों को आड़े हाथ लिया। कहा कि डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने नकली खाद बीज की फैक्ट्रियां तो पकड़ी। लेकिन गोदाम भर कर ब्लैक में बचने वालों को नहीं पकड़ा। जिसके कारण किसान बर्बाद हो रहे हैं। वहीं दूसरे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लेकर कहा कि ये नफरत फैलाना चाहते हैं। क्लास में जाकर पूछते हैं कि कोई बुर्का तो नहीं पहन कर आया। यही नहीं जिस दिन बाबरी मस्जिद को ढहाया गया था। उस दिन का शौर्य दिवस बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। ये क्या साबित करना चाहते हैं। इस देश में नफरत फैलाना चाहते हैं। हिंदू मुस्लिम भाई-भाई और सिख-ईसाई भाई – भाई में भेद कर औछी राजनीति कर रहे हैं। ये देश, प्रदेश व 36 कौम के लिए अच्छा नहीं है। प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा रविवार को अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। यहां उन्होंने कहा कि इनकी सरकार के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पहले छापे डाल रहे थे। अब गोदाम भरने वालों पर छापे नहीं डाल रहे। गोदाम भरने वाले उनके ही लोग हैं। पहले स्टॉक कर लिया। अब किल्लत हो गई। इस छापेमारी से केंद्र भी नाराज हो गया। जिसके कारण केंद्र से खाद की आपूर्ति भी कम हो रही है। किसान को बीज ठीक नहीं मिलेगा और खाद नहीं मिलेगा तो बबार्द हो जाएगा। इनकी प्राथमिकता में किसान नहीं है बल्कि हिंदू-मुस्लिम करना है। झूठ बोलना व भ्रमित करने पर फोकस है। इसी तरह मुख्यमंत्री बार-बार कह रहे हैंकि उन्होंने एतिहासिक काम कर दिए हैं। शिक्षा का ढांचा ही बिगाड़ दिया डोटासरा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने शिक्षा का ढांचा धराशायी कर दिया। मंत्री स्कूल के निरीक्षण में जाकर कहते हैं कि कोई हिजाब तो पहनकर नहीं आया है। ये क्या साबित करना चाहते हैं। हालत ये कि डॉ किरोड़ी एक पर्ची सरकार को बदलना चाहते हैं। 2028 में हम सब मिलकर सरकार बनाएंगे। हमारे एक ही ध्येय है कि हम सब नेता व कार्यकर्ता मिलकर पर्ची सरकार को राजस्थान से विदा करेंगे। प्रदेश पर थाेप दिया मुख्यमंत्री भजनलाल इस देश व प्रदेश में राजनीतिक शिकार बनाया जाता है। ताकि किसी की बड़ी लकीर को छोटा करके दिखाया जा सके। लेकिन इस देश की जनता सच्चाई को जान सकी है। मुख्यमंत्री बनने लगे तो जनता के वोट को नकार दिया। प्रदेश के एक भी वोटर नहीं सपने में साोचा था कि मुख्यमंत्री भजनलाल होंगे। जबर्दस्ती थोप दिया जाएगा। एमएलए का तो सोच कर वोट दिया होगा। लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा था कि ये मुख्यमंत्री बनेगा। ये भी एक तरह से वोट चुराना है। एसआई का मकसद कांग्रेस के वोट काटना एसआईआर का एक ही मकसद है कांग्रेस के वोट अधिक से अधिक काटो और बीजेपी के वोट अधिक जोडृो। अब जनता भी कहने लग गई कि ये झूठे व बेईमान लोग हैं। अब ये संवैधानिक संस्थानाओं पर कब्जा कर वोट चोरी कर सत्ता बनाना चाहते हैं। आगे आने वाले नगर निकाय के चुनाव भी इसलिए नहीं कराए। ताकि पहले एसआईआर करा कर वोट चोरी कर सकें। चुनाव नहीं होने के कारण सरकार को 3 हजार करोड़ रुपए रोक दिया है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी कांग्रेस सरकार को घेरा। इस दौरान कांग्रेस के महासचिव जितेंद्र सिंह सहित कई विधायक व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


