झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री, दीपिका पांडेय सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भेंट कर अनुसूचित जाति वर्ग के अंतर्गत आने वाली 22 उपजातियों के भूमिहीन परिवारों के छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में आ रही कठिनाइयों से अवगत कराया। सिंह ने स्पष्ट किया कि जाति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण इन विद्यार्थियों की शिक्षा, छात्रवृत्ति तथा रोजगार संबंधी अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस विषय की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि पात्र विद्यार्थियों को शीघ्र ही लाभ मिल सके।


