मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में बुधवार को दान पात्र को विधिवत रूप से खोला गया। मंदिर प्रबंधन समिति की निगरानी में दो दिन (21 और 22 जनवरी) तक चली गणना प्रक्रिया में कुल ₹ 25,43,350 की नकद दान राशि प्राप्त हुई। गणना प्रक्रिया में पहले दिन (बुधवार) ₹ 19,72,050 और दूसरे दिन (गुरुवार) ₹ 5,71,300 की राशि गिनी गई। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार दान पात्र में भारतीय मुद्रा के साथ-साथ विदेशी करेंसी भी मिली, जो मंदिर की अंतरराष्ट्रीय ख्याति को दर्शाती है। इसमें अमेरिका का 100 डॉलर का नोट व 1 सिक्का, कतर का 50 का नोट, नेपाल का 60 का नोट व 3 सिक्के, UAE का 1 सिक्का, चीन का 1 सिक्का और पाकिस्तान का 1 सिक्का शामिल हैं। दान में सोना और चांदी भी प्राप्त
दान पात्र से सोना और चांदी के आभूषण भी प्राप्त हुए हैं। सभी दान सामग्री की गहन जांच और गणना के बाद राशि को जिला सहकारी बैंक में जमा कराया जाएगा। देश-विदेश से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमाण
भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी यहां आते हैं, जिसका असर दान पात्र में प्राप्त राशि और वस्तुओं में साफ देखा जा सकता है। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार वर्ष 2025 में अब तक दान पात्र 6 बार खोली गई, जिसमें कुल ₹ 1.58 करोड़ से अधिक की राशि जमा हुई। वर्ष 2025 की दान राशि का विवरण श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि हर वर्ष दान राशि के साथ-साथ श्रद्धालुओं की संख्या में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। यह भगवान पशुपतिनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और मंदिर की बढ़ती पहचान को दर्शाता है।


