मंदसौर जिले में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर कलेक्टर अदिती गर्ग की अध्यक्षता में नगर पालिका सभागृह में साप्ताहिक अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन, जनपद पंचायत सीईओ, नगर परिषदों के सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे, जबकि सभी तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। पेयजल व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक में जिले की समग्र पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता की स्थिति, पेयजल स्रोतों की उपलब्धता, जल गुणवत्ता और जल जांच प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर अदिती गर्ग ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्डों में दल गठित कर प्रत्येक पेयजल स्रोत की जांच सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी स्रोत खुला या अनदेखा न रह जाए। टंकियों और पाइपलाइनों की नियमित सफाई कलेक्टर ने पानी की टंकियों, पाइपलाइनों और कुओं की नियमित सफाई कराने तथा इसके लिए निर्धारित शेड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ड्रेनेज सिस्टम और पेयजल आपूर्ति का कहीं भी आपसी मिश्रण नहीं होना चाहिए और इसकी सतत निगरानी अनिवार्य रूप से की जाए। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन पर तुरंत कार्रवाई यदि किसी भी स्थान पर पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त या ड्रेनेज से मिश्रित पाई जाती है, तो तत्काल उसकी मरम्मत या प्रतिस्थापन कराया जाए। कलेक्टर ने सभी लंबित पेयजल शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने और दूषित पानी से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। शत-प्रतिशत आबादी तक सुरक्षित जल लक्ष्य कलेक्टर अदिती गर्ग ने कहा कि जिले की शत-प्रतिशत आबादी को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने फिल्टर प्लांट और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहयोग से मासिक जल परीक्षण कराने के निर्देश दिए। एसडीएम स्तर पर रैंडम सैंपलिंग कलेक्टर ने एसडीएम स्तर पर रैंडम सैंपलिंग के माध्यम से जल गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। जिन वार्डों या ग्रामों में नगर पालिका के पेयजल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर आगामी सात दिनों में जांच प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जीआईएस पोर्टल पर जानकारी अपडेट सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया गया कि वे जीआईएस पोर्टल पर पेयजल लाइनों और संबंधित कार्यों की जानकारी अद्यतन रखें। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा अधिकारियों को जल जांच का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बैक्टीरिया टेस्ट, क्लोराइड टेस्ट सहित विभिन्न परीक्षणों की प्रक्रिया बताई गई और सैंपल लेकर प्रदर्शन भी किया गया।


