आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मक्सी, शाजापुर और मोहन बड़ोदिया में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करना रहा। जातिगत भेदभाव मिटाने का प्रयास सम्मेलन के दौरान एक विशाल पंडाल में सभी जाति और वर्ग के लोगों ने एक साथ बैठकर समरसता महाभोज में भाग लिया। सभी ने एक ही पंक्ति में बैठकर, एक ही थाली में भोजन किया। इस आयोजन के जरिए समाज में जातिगत भेदभाव को खत्म करने और समानता का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने एकता पर दिया जोर कार्यक्रम को साध्वी हेमलता दीदी, लोकेंद्र शर्मा और ऊषा पाटीदार ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू समाज की ताकत उसकी एकता में है। उन्होंने बताया कि संघ का शताब्दी वर्ष समाज को जोड़ने और इसे जनआंदोलन का रूप देने का संकल्प है। मंच से समाज में भाईचारा, देशभक्ति और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश दिया गया। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण समरसता महाभोज रहा। इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं रखा गया। सभी लोग एक साथ बैठे और भोजन किया। इससे सामाजिक समानता और आपसी सम्मान का भाव देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इससे क्षेत्र में हिंदू समाज के बीच बढ़ती जागरूकता और सहभागिता देखने को मिली। आयोजकों ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष हिंदू समाज को जोड़ने और मजबूत बनाने का अवसर है। इस दौरान राधेश्याम पाटीदार और मनोज भावसार ने भी अपने विचार रखे और समाज में एकता बनाए रखने की अपील की।


